बदायूं

Budaun News: आशा-तृष्णा के भावों से ही होता है तमाम विकारों का जन्म

Connect News 24

संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

Updated Tue, 20 Jun 2023 01:06 AM IST

All the disorders are born from the feelings of hope and desire.

बिल्सी में जैन समाज के लोग छुल्लक श्री 105 विशंक सागर का स्वागत करते हुए।

बिल्सी। जैन धर्म के संत आचार्य श्री 108 वसुनंदी सागर महाराज के प्रबल प्रभावक शिष्य छुल्लक श्री 105 विशंक सागर व भरत सागर महाराज का सोमवार को नगर आगमन पर स्वागत किया गया। सबसे पहले महाराज के सानिध्य में भगवान जिनेंद्र की जलाभिषेक शांति धारा संपन्न हुई। इसके बाद में नगर के सभी जैन मंदिरों के दर्शन किए।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि जो धर्म की शरण आता है, वह शीघ्र भवसागर के पार हो जाता है। भगवान के जीवन में किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं हुआ था। मनुष्य के जीवन में दुख का कारण उसके मन में उत्पन्न होने वाले आशा और तृष्णा के भाव हैं, जो विकारों को जन्म देते हैं। दुख से बचने के लिए इन विकारों को त्यागना होगा। इस मौके पर प्रीत जैन, प्रशांत कुमार जैन, दीपक जैन, नीरेश जैन, विनोद जैन, विट्टू जैन आदि मौजूद रहे। संवाद


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button