बदायूं

Budaun News: बाइपास बनाया, रोशनी पर लड़ाई

Connect News 24

Bypass built, fight over lights

शहर के बाइपास रोड पर सड़क किनारे डाली जा रही मिट्टी। संवाद

बदायूं। शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए बरेली-मथुरा रोड पर बाइपास तो बनाया गया, लेकिन इस पर रात में प्रकाश व्यवस्था का इंतजाम अभी तक नहीं हो पाया है। जगह-जगह चौराहों पर लगातार हादसे भी हो रहे हैं और लोग अपनी जान गवां रहे हैं। पूरे बाइपास पर लाइट लगाना तो दूर, मुख्य चौराहों पर प्रकाश व्यवस्था नहीं हो पाई है। वाहनों की हेडलाइट के सहारे ही सफर करना पड़ता है।

करीब साढ़े आठ किलो मीटर लंबा बाइपास सपा शासन में बनना शुरू हुआ और भाजपा सरकार में पूरा हो पाया। निर्माण में करीब 110 करोड़ रुपये की लागत आई थी। कुछ समय बाद 16 करोड़ रुपये की लागत से सोत नदी पर पुल भी बन गया। तब से अब तक न तो बाइपास की मरम्मत हो पाई और न ही लाइट लगाई गई हैं। पूरे बाइपास पर रात में अंधेरा छाया रहता है। इसके चौराहों पर भी रोशनी का इंतजाम नहीं किया है। ऐसे में वाहन चालकों को सिर्फ हेडलाइटों के भरोसे ही सफर करना पड़ता है। अब सर्दी में कोहरा पड़ेगा तो हादसों की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।

तीन साल से टूटे पड़े किनारों की अब कराई मरम्मत

पिछले तीन साल से बाईपास पर जगह-जगह गड्ढे थे। कई जगह सड़क टूटी हुई थी। बारिश में इसके किनारे तक टूट गए थे। कभी इन किनारों की मरम्मत तो नहीं कराई गई। सिर्फ जेसीबी से मिट्टी डलवाकर खानापूर्ति कर दी गई। इससे एक मीटर तक बाईपास के किनारे तक दब गए। इसकी चौड़ाई कम हो गई। अब कुछ दिनों से बाइपास पर काम चल रहा है। पूरी साफ सफाई करवाकर कोलतार युक्त लेयर बिछाई जा रही है। इससे किनारे और सड़क के गड्ढे तो सुधरेंगे, लेकिन प्रकाश की व्यवस्था नहीं हो रही है।

सरदार पटेल और आंवला चौराहे पर हो चुके हैं हादसे

शहर के बाईपास पर चार प्रमुख चौराहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा सरदार पटेल और आंवला चौराहे पर हादसे हुए हैं। यहां कोई रोशनी की व्यवस्था भी नहीं है। सरदार पटेल चौराहे पर काफी समय से लाइट लगवाने की मांग हो रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अन्य चौराहों की भी यही स्थिति है। बरेली रोड पर बीआरबी स्कूल के पास से जुड़ने वाल बाइपास पर अंत में जाकर मेडिकल कॉलेज वाले तिराहे पर ही रोशनी नजर आती है।

किनारों पर लगवाए गए हैं बिजली के खंभे

करीब छह माह पहले बाइपास किनारे बिजली के खंभे लगवाए हैं। हालांकि अभी यह काम पूरा नहीं हुआ है। अभी भी पूरे आधे बाइपास पर एक साइड में खंभे लगे हैं। उन पर कोई लाइन भी नहीं खींची गई है।

वर्जन

बाइपास का नवीनीकरण कराया जा रहा है। उस पर एक लेयर बिछाई जा रही है, लेकिन लाइट का इंतजाम संबंधित विभाग का है। पीडब्ल्यूडी की ओर से लाइट नहीं लगवाई जाती। हमारे यहां से सिर्फ सड़कों का निर्माण और उनकी मरम्मत होती है। – मनीष सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी

सड़क पर खंभे लगवाने का काम नगर पालिका या नगर पंचायत का है। हम तो सिर्फ लाइन खिंचवाकर उस पर लाइट दे सकते हैं। बाइपास पर नगर पालिका की ओर से खंभे लगवाए जाएं। तभी रोशनी की व्यवस्था संभव है। – अखिलेश कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत निगम

यह बाइपास नगर पालिका के सीमा क्षेत्र मेें नहीं आता है, यदि होता तो रोशनी का इंतजाम जरूर कराया जाता। फातिमा रजा, पालिकाध्यक्ष बदायूं

शहर के बाइपास रोड पर सड़क किनारे डाली जा रही मिट्टी। संवाद

शहर के बाइपास रोड पर सड़क किनारे डाली जा रही मिट्टी। संवाद


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button