Budaun News: माता के गर्भ में ही बनने लगते हैं बच्चों में संस्कार

कल्लुआ मोती में श्रीमद्भागवत कथा में बोलते कथा व्यास ओम प्रकाशानंद सरस्वती
लखीमपुर खीरी। गायत्री धाम कल्लुआ मोती में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास ओम प्रकाशानंद सरस्वती ने कहा कि बच्चों में संस्कार माता के गर्भ में ही बनने लगते हैं। इसलिए माताएं गर्भधारण के दौरान ईश्वर भक्ति और सद्कार्य में अपना मन लगाएं।
ईश भक्ति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान तो भाव के भूखे हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने दुर्योधन का मेवा त्याग दिया, विदुर के शाक भाजी छिलके बड़े चाव से खाऐ। भागवत हमें यही सिखाती है कि अपने स्वभाव को अच्छा रखना चाहिए। कथा व्यास ने ध्रुव चरित्र का मार्मिक चित्रण करते हुए कहा ध्रुव ने अपने संकल्प के बल पर श्री हरि को प्राप्त किया।
ईश्वरीय कार्य में बहुत बाधाए़ं आती हैं, अगर आपका व्रत दृढ़ है तो लक्ष्य मिलकर रहेगा। कथा का समापन आरती व प्रसाद वितरण के साथ किया गया। इस मौके पर यजमान राम प्रकाश पांडेय, मंजू पांडेय, रामकृष्ण पांडेय, श्रीकृष्ण पांडेय, शिव प्रकाश पांडेय, प्रमुदित पांडेय, अखिलेश पांडेय, आर्यन, अथर्व, मुकुंद सहित अन्य भक्तगण उपस्थित रहे।