Budaun News: खुले बाजार में धान बेच रहे किसान

मंडी समिति में क्रय केंद्र पर रखे धान के कट्टे। संवाद
बदायूं। जिले में समर्थन मूल्य पर सरकारी केंद्राें पर धान की खरीद चल रही है, लेकिन अपेक्षाकृत खरीद अभी नहीं हो पाई है। किसान सरकारी सिस्टम में नहीं फंसना चाहते हैं, ऐसे में वह खुले बाजार में ही धान बेचना पसंद कर रहे हैं। बाजार के रेट और सरकारी समर्थन मूल्य के बीच में काफी अंतर भी है। ऐसे में किसान बाजार का रुख कर रहे हैं।
शासन के निर्देश पर जिले में 45 सरकारी धान क्रय केंद्र संचालित हैं, जहां शासन द्वारा घोषित समर्थन मूल्य 2183 रुपये प्रति क्विंटल में धान खरीदा जा रहा है। क्रय केंद्रों पर धान उतराई, छनाई और सफाई के लिए किसानाें को 20 रुपये प्रति क्विंटल शुल्क नकद देना होगा। धान खरीद होने पर उस धनराशि को किसान के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेज दिया जाएगा। इसके बाद में किसान बैंक में जाकर बेचे गए धान की राशि को निकाल सकेगा और उसके बाद में उस धनराशि का उपयोग कर सकेगा।
इससे पहले किसानों को विभाग में पंजीकरण से लेकर एसडीएम स्तर से फसल का सत्यापन भी कराना होता है। इन तमाम झंझटों से बचने के लिए किसान सीधे बाजार का रुख कर रहा है। वहां पर किसानों को 2200 से 2300 रुपये धान की कीमत मिल रही है। इसकी वजह से बाजार में थोड़ा तेजी दिख रही है, जबकि क्रय केंद्रों पर धान कम पहुंच रहा है। अभी तक सरकारी क्रय केद्रों पर 6949 एमटी धान की खरीद की जा चुकी है।
-क्रय एजेंसी-चार
-क्रय केंद्र संचालित-45
-धान खरीद लक्ष्य-58,000 एमटी
-अब तक धान खरीद-6949 एमटी
फोटो-37
-इस समय बाजार के रेट सरकार की ओर से घोषित समर्थन मूल्य से थोड़ा ज्यादा है। ऐसे में सरकारी क्रय केंद्रों पर जाकर धान बेचने पर कोई फायदा नहीं है। धनराशि में ज्यादा अंतर नहीं है, लेकिन बाजार में फर्क यह है कि नकद भुगतान हो जाएगा। -प्रभाकर मिश्रा
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विभाग में पंजीकरण कराना, एसडीएम स्तर से फसल की जांच कराना, इसमें ही दो से तीन दिन का समय निकल जाता है। उसके बाद में क्रय केंद्र पर जाकर धान बेचना, वहां पर भी धनराशि हाथ में नहीं मिलती है। इस झंझट में न फंसकर बाजार में लेकर बेचना बेहतर लगा। -थानेश्वर।
-सभी क्रय केंद्रों पर धान खरीद हो रही है। सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए है कि वे किसानों से संपर्क करें और धान खरीद की गति में बढ़ोतरी करें ताकि शासन की मंशा के अनुरूप धान की खरीद हो सके। -अतुल कुमार वशिष्ठ, डिप्टी आरएमओ

मंडी समिति में क्रय केंद्र पर रखे धान के कट्टे। संवाद

मंडी समिति में क्रय केंद्र पर रखे धान के कट्टे। संवाद