Budaun News: उघैती में पेड़ से टकराई तेज रफ्तार स्कूल बस, बाल-बाल बचे बच्चे

मौके पर पहुंचे एसडीएम और मैजूद लोग। संवाद
उघैती (बदायूं)। थाना क्षेत्र के गांव दारानगर के नजदीक बुधवार सुबह एक तेज रफ्तार स्कूल बस पिकअप से बचने की कोशिश में सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई, गनीमत रही कि बस में सवार छोटे-छोटे बच्चे बाल-बाल बच गए। हादसे में बस चालक सत्यवीर को चोट आई है। उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। सूचना पर पहुंचे परिवार वालों ने मौके पर हंगामा किया। बाद में एसडीएम बिल्सी ने मौके पर पहुंचकर उन्हें शांत किया और जांच के आदेश दिए।
हादसा बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे हुआ। उस वक्त इस्लामनगर थाना क्षेत्र में विक्रमपुर चरसौरा के एसआर कॉन्वेंट स्कूल की बस रामनगर से बच्चों को लेकर कुछ अन्य बच्चों को बैठाने क्षेत्र के नागर पुखरा गांव जा रही थी। इस दौरान बस में करीब 35-40 बच्चे सवार थे। बस को रामनगर निवासी सत्यवीर चला रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस रामनगर से निकलकर उघैती थाना क्षेत्र के गांव दारानगर के नजदीक पहुंची ही थी कि तभी सामने से अचानक पिकअप आ गई। उसे बचाने की कोशिश में तेज रफ्तार स्कूल बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। इससे छोटे-छोटे बच्चों में चीख-पुकार मच गई।
शोर शराबा सुनकर दारा नगर गांव के तमाम लोग आ गए। उन्होंने सभी बच्चों को बस से बाहर निकाला। गनीमत रही कि इस हादसे में सभी बच्चे बाल-बाल बच गए। एक-दो बच्चों को ही मामूली चोट आईं जबकि चालक सत्यवीर को काफी चोट आईं। लोगों की सूचना पर थाना पुलिस भी पहुंच गई।
पुलिस ने तुरंत घायल चालक को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। बाद में बच्चों के परिवार वाले भी पहुंचना शुरू हो गए, उन्होंने हंगामा भी किया। कुछ देर बाद एसडीएम बिल्सी प्रबर्धन शर्मा भी पहुंच गए। उन्होंने मौके का मुआयना करते हुए पुलिस को जांच के निर्देश दिए। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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पेड़ से न टकराती तो पलट जाती स्कूल बस
जिस जगह पर हादसा हुआ था। वहां सड़क किनारे खाई भी है। गनीमत यह रही कि बस पेड़ से टकराकर वहीं रुक गई, अगर बस खाई में पलट जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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बच्चे बोले- गलत दिशा से आ रही थी पिकअप
स्कूल बस में सवार बच्चों ने बताया कि पिकअप गलत दिशा से आ रही थी। कक्षा सात के छात्र अमन प्रताप सिंह ने बताया कि जब चालक भइया ने देखा कि पिकअप गलत दिशा से आ रही थी, तो उन्होंने बस को बचाने की कोशिश की। इससे बस गड्ढे में घुस गई और पेड़ से टकरा गई। छात्र हर्ष ने बताया कि बस पिकअप से टकराकर पेड़ से टकराई थी। यह बस पहले भी कई बार खराब हो चुकी है। छात्र नमन ने बताया कि जब हादसा हुआ। तब वे आपस में बातें कर रहे थे। छात्र आरिश ने बताया कि बस मोड़ने के दौरान हादसा हुआ।
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पिकअप की रफ्तार तेज थी। चालक ने उससे बचने की कोशिश की और बस को भी बचाने का प्रयास किया। इससे बस पेड़ से टकरा गई। इसमें सभी बच्चे सुरक्षित हैं। चालक को कुछ चोटें आई हैं।
– जितेंद्र यादव, प्रबंधक एसआर कॉन्वेंट स्कूल
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बस एसआर कॉन्वेंट स्कूल की है। सुबह बस रामनगर से बच्चों को लेकर नागर पुखरा गांव जा रही थी। यहां से बस में कुछ बच्चे बैठाने थे। तभी दारानगर के नजदीक पिकअप को बचाने की कोशिश में बस पेड़ से टकरा गई। सभी बच्चे सुरक्षित हैं। पिकअप को लेकर उसका चालक भाग गया है। बस के कागजात पूरे हैं या नहीं, इसकी जांच कराई जा रही है।
– प्रवर्धन शर्मा, एसडीएम बिल्सी
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जिम्मेदारों के दावे खोखले… बस पर नहीं लिखा था स्कूल तक का नाम
बदायूं। पिछले दिनों उसावां में हुए हादसे में गई मासूमों की जान जाने के बाद प्रशासन, शिक्षा विभाग और उप संभागीय परिवहन विभाग ने अपने-अपने तरीके से पड़ताल की और अधीनस्थों को आदेश दिए। कुछ दिन स्कूली वाहनों की चेकिंग भी हुई लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, आदेश हवा होते चले गए।
उघैती में हुआ हादसा इस बात का ताजा उदाहरण है। बच्चों को लाने-ले जाने का कार्य कर रही बस पर स्कूल का नाम तक नहीं लिखा था। स्कूल प्रबंधन ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया और न जिम्मेदारों ने। पुलिस के सामने से भी कई बार बस गुजरी लेकिन कभी किसी ने कार्रवाई करना उचित नहीं समझा।
बस पर स्कूल का नाम न लिखा होना इस बात की ओर इशारा करता है कि यह ‘स्कूल बस’ में रजिस्टर्ड नहीं होगी। यह तो गनीमत रही कि हादसे में कोई बच्चा गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, अन्यथा कौन जिम्मेदार होता।
हादसे के काफी देर बाद आए अधिकारी
हादसे की सूचना देने के बाद भी काफी देर तक अधिकारी नहीं पहुंचे तो अभिभावकों और ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। हंगामे की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। एसडीएम के पहुंचने पर ही लोगों को गुस्सा शांत हुआ।
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एआरटीओ को जांच की फुर्सत नहीं मिली
उघैती थाना क्षेत्र में सुबह हादसा हुआ। इस बात की जानकारी के बाद भी उप संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों को जांच की फुर्सत नहीं मिली। एआरटीओ प्रवर्तन अंबरीश कुमार का बस इतना कहना था कि हादसे में बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली थी। जांच कराई जाएगी।

मौके पर पहुंचे एसडीएम और मैजूद लोग। संवाद