Budaun News: सुरक्षा के इंतजाम होते तो बच जाती मजदूर की जान
कुएं में मिट्टी की ढांग ढहने से महेंद्र की मौत का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी (बदायूं)। हरहरपुर गांव में रविवार शाम कुएं की ईंटें निकालते समय मिट्टी की ढांग ढह जाने से मजदूर महेंद्र पाल की मौत के मामले में कुआं मालिक के साथ ही साथी मजदूरों की चूक सामने आई है। महेंद्र को कुएं के अंदर उतार तो दिया गया, लेकिन उसे रस्सी की सपोर्ट नहीं दी गई। रस्सी की सपोर्ट होती तो उसकी जान बच सकती थी।
पुराने कुओं से ईंटें या फिर नलकूप के पाइप निकाले जाने के दौरान पहले भी हादसे हो चुके हैं। खासकर खेतों में कुएं के अंदर किसी को भी ईंटें निकालने के लिए उतारा जाता है तो उसकी कमर और सीने के पास रस्सी बांधकर सपोर्ट दिया जाता है। इसके दो फायदे हैं। एक तो वह सुरक्षित अंदर उतर जाता है, दूसरा अगर मिट्टी धंसनी या फिर ढांग ढहने लगे तो बाहर मौजूद अन्य दो-तीन लोग उसे रस्सी के जरिये बाहर खींच लेते हैं।
हरहरपुर निवासी मजदूर महेंद्र पाल को लेकर इस संबंध में सावधानी नहीं रखी गई। मृतक महेंद्र के भाई विषय पाल ने बताया कि कुआं मालिक को पुरानी ईंटों से लेकर आसपास की मिट्टी दरकने के बारे में जानकारी थी। महेंद्र ने कुएं में अंदर उतरने से पहले रस्सी की सपोर्ट मांगी भी थी, लेकिन रस्सी उपलब्ध नहीं होने के कारण महेंद्र को ऐसे ही अंदर उतार दिया गया।
साथी मजदूरों ने भी इस पर गौर नहीं किया। शव के साथ अस्पताल पहुंचे हरहरपुर निवासी ग्रामीणों ने इसे भी बड़ी चूक बताया। ग्रामीण हरिओम ने बताया कि रस्सी बंधी होती तो ढांग ढहने पर ही उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाता।
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शव देखकर बिफरे मृतक के ससुराल से पहुंचे लोग
कुएं के अंदर मिट्टी की ढांग ढहने से मृत महेंद्र का पुलिस ने देर रात ही शव कब्जे में ले लिया। सोमवार दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मृतक के परिजनों ने कुआं मालिक को ही जिम्मेदार ठहराया। मृतक के ससुराल वालों ने भी लापरवाही का आरोप लगाना शुरू कर दिया। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि महेंद्र की जान हादसे में गई है। जेसीबी की मदद से शव बाहर निकाला गया था। कोई तहरीर आती है तो कार्रवाई होगी।