Budaun News: हत्यारे को उम्रकैद की सजा
सह अभियुक्त को हत्या के प्रयास में सात साल और महिला को छह माह के कारावास की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। करीब 14 साल पुराने हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में नामजद आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश-पॉक्सो कोर्ट द्वितीय मिर्जा जीनत ने दोषी ठहराया है। कोर्ट ने एक आरोपी को हत्या में आजीवन कारावास, दूसरे को हत्या के प्रयास में सात साल और आरोपी महिला को छह माह की सजा सुनाई है।
थाना गुन्नौर के गांव नगला अजमेरी निवासी निहाल ने 25 जनवरी 2008 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार वह अपने परिवार और भाई के साथ घर के बाहर बैठा हुआ था, तभी गांव के नरेश पुत्र भूरे यादव, भीमसेन पुत्र बुद्धसेन, दंगली पुत्र मुलायम, कप्तान पुत्र बुद्धसेन, बुद्धी पुत्र घनश्याम ट्रैक्टर पर सवार होकर अपने हाथों में राइफल और बंदूक लेकर आ गए।
सभी ने एक राय होकर फायरिंग शुरू कर दी। जिससे उसके भाई भगवान सिंह की मौके पर मृत्यु हो गई और वह, उसकी पत्नी, भाभी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी शैतनियां उर्फ सत्यवती ने लाठी से उसकी भाभी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट लिखने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
एडीजे मिर्जा जीनत ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी वीरेंद्र सिंह वर्मा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने नामजद दंगली और बुद्धी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। वहीं नरेश को आजीवन कारावास की सजा, कप्तान को सात साल और शैतनियां उर्फ सत्यवती को छह माह के कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी पर 61 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।