Budaun News: रैन बसेरों पर ताले, तीमारदारों को ठहरने के पड़ रहे हैं लाले

जिला अस्पताल के रैन बसेरा में लगा ताला। संवाद
डीएम ने दिए थे जिला और महिला अस्पताल में व्यवस्था ठीक रखने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। डीएम के आदेश के बाद भी जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में संचालित रैन बसेरे बंद पड़े हैं। हालात यह हैं कि महीनों से इनमें ताले पड़े हुए हैं। इस कारण अस्पताल में आने वाले तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर-उधर लेट कर तीमारदार रात गुजारने को मजबूर हैं।
जिला अस्पताल में मरीज के साथ दो लोग रह सकते हैं। अस्पताल में सौ से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं, वहीं महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के साथ भी दो से तीन लोग साथ आते हैं। यहां भर्ती रहने वाली प्रसूताओं की संख्या भी 50 से कम नहीं रहती।
सर्दी में तीमारदारों को ठहरने के लिए रैन बसेरे में रजाई-गद्दे की व्यवस्था करने के डीएम मनोज कुमार ने निर्देश दिए थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही और सुस्त कार्यप्रणाली के चलते रैन बसेरों में रजाई गद्दे की व्यवस्था करना तो दूर उनके ताले ही नहीं खोले गए। ऐसे में अब तीमारदार घरों से लाए हुए कंबलों में सर्द रातें काटने को मजबूर हैं।
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अफसरों का दावा
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने बताया के रैन बसेरा चालू है, शाम को आठ बजे ताले खोल दिए जाते हैं, तीमारदारों के रुकने का पूरा इंतजाम है, वहीं महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. इंदुकांत ने बताया कि रैन बसेरे की सफाई कराई जा रही है। जिसके बाद इसको तीमारदारों के लिए खोल दिया जाएगा।
रोडवेज के पास बना रैन बसेरा भी बंद
रोडवेज के पास भी एक रैन बसेरा बनाया गया है। जिससे सवारी न मिलने पर यात्री यहां रुक सकें । डीएम के निर्देश के बाद भी इसके ताले नहीं खोले गए हैं। मजबूरी में यात्री होटल में कमरा लेकर रहने को मजबूर हैं, जो कमरा नहीं ले पाते पूरी रात बस अड्डे पर ही ठंड में काट देते हैं।

जिला अस्पताल के रैन बसेरा में लगा ताला। संवाद

जिला अस्पताल के रैन बसेरा में लगा ताला। संवाद



