Budaun News: रैन बसेरे तो बनाए पर जमीन पर लगाए बिस्तर

सैदपुर में बना अस्थाई रैन बसेरा। संवाद
बदायूं। जिले में रैन बसेरे तो बनाए गए लेकिन यहां की व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया गया। कई अस्थायी रैन बसेरों में फर्श पर ही बिस्तर बिछा दिए गए। ऐसे में यहां ठहरने से यात्री गुरेज कर रहे हैं। उनका कहना है यहां रात बिताकर बीमार होने से अच्छा है कि खुले आसमान के नीचे रहकर ही काम चला लिया जाए।
दिसंबर में सर्दी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। यात्रियों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो, इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर कई जगह अस्थायी रैन बसेरे बनाए गए हैं लेकिन यहां व्यवस्थाओं पर नगर पंचायतों ने ध्यान नही दिया है, साथ ही जमीन पर ही बिस्तर लगा दिए गए हैं। ऐसे में यहां रुकने से लोग परहेज कर रहे हैं।
प्रचार-प्रसार भी नहीं
शहर में प्राइवेट बस स्टैंड के पास डूडा की तरफ से शेल्टर होम बनाया गया है। वहां पर राहगीरों के रुकने के लिए अच्छी व्यवस्था है, वहीं नगर पालिका की ओर से रोडवेज परिसर में अस्थायी रैन बसेरा बनाया गया है, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में इनकी जानकारी लोगों को कम है। ऐसे में यह अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। सैदपुर के नगर पंचायत सभागार में भी अस्थायी रैन बसेरा बनाया गया है। यहां 10 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। बिसौली तहसीलदार विजय कुमार शुक्ला के निर्देश पर महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग रहने की व्यवस्था की गई है।
रेलवे स्टेशन पर नहीं शुरू हुआ रैन बसेरा
नगर पालिका की तरफ से रोडवेज परिसर में तो अस्थायी रैन बसेरा बनाया गया है, लेकिन अब तक रेलवे स्टेशन पर रैन बसेरा नहीं बनाया गया है। इससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है।
प्रत्येक नगर पंचायत और सीएचसी, पीएचसी पर रैन बसेरा बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां रैन बसेरे तैयार नहीं किए गए हैं, या फिर व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं, जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। किसी हालत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदारों को इस संबंध में जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
-मनोज कुमार सिंह, डीएम, बदायूं