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Budaun News: अब बिसौली के जंगल में दिखा तेंदुआ जैसा जानवर

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Now leopard like animal seen in Bisauli forest

बिसौली क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक को लेकर जुटी वन विभाग की टीम।

बदायूं/बिसौली। बिसौली क्षेत्र के गांव करेंगी के जंगल में तेंदुए जैसे जानवर का वीडियो वायरल होने से इलाके के लोग घबराए हुए गए हैं। इसकी तस्दीक करने के लिए रविवार पूर्वाह्न डीएफओ अशोक कुमार वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने वीडियो बनाने वाले खेत मालिक के बेटे से जानकारी की। इसके बाद वन कर्मियों ने इसे जंगली बिल्ली बताकर इलाके में तेंदुए की मौजूदगी नकार दी।

वीडियो करेंगी निवासी खेत मालिक राजेश सिंह के बेटे सौरभ ने बनाया था। उनके खेत में धान की फसल है। बकौल सौरभ, 19 जुलाई शाम करीब छह बजे वह खेत पर थे, उसी दौरान उनके खेत से तेंदुए जैसा जानवर निकलते हुए उनके परिजन के खेत में धान की फसल से होकर पड़ोसी गांव पपगांव की ओर भाग गया। सौरभ डर के मारे जानवर की तरफ नहीं बढ़े।

इसके बाद सौरभ ने किसी से भी इसका जिक्र तक नहीं किया। 10 दिन बाद शनिवार शाम सौरभ ने अपने परिजन गांव के प्रधान रीतेश चौहान को वीडियो दिखाकर हकीकत से अवगत करा दिया।

प्रधान के जरिये वीडियो डीएफओ अशोक कुमार तक पहुंचा तो वह वन विभाग की टीम के साथ करेंगी पहुंचे। उन्होंने सौरभ समेत प्रधान से बात की। ग्रामीणों ने टीम को मौके पर ले जाकर जानवर के पगचिह्न भी दिखाए। बारिश हो जाने की वजह से चिह्न पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन सौरभ ने जानवर का रंग और हुलिया देखकर उसे तेंदुआ बताया। इसके विपरीत डीएफओ समेत रेंजर रवींद्र विष्ट और मनोज कुमार सिंह ग्रामीणों के सामने जानवर को जंगली बिल्ली बता रहे हैं।

डीएफओ ने कांबिंग भी कराई। इसके बाद वन विभाग के तीन कर्मचारियों को इलाके में हालात पर नजर रखने के लिए छोड़ दिया गया है। बता दें कि उझानी क्षेत्र में भी मृत मिले तेंदुए का जंगली बताकर वन विभाग के अफसर हकीकत पर पर्दा डालने में जुटे रहे थे, लेकिन मृत जानवर के पोस्टमार्टम में तेंदुआ होने की पुष्टि हो गई थी।

डीएफओ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि वीडियो में जानवर स्पष्ट नहीं हो रहा है। वीडियो 10 दिन पुराना है। यदि तेंदुआ भी है तो वह अब तक काफी दूर निकल गया होगा। बताया कि शिकार आदि की कोई विशेष परिस्थिति न हो तो तेंदुआ एक दिन में 20 से 25 किमी चलता है। फिर भी टीम लगा दी गई है जो लगातार कांबिंग करेगी।

करेंगी के पास बंदरों की संख्या में गिरावट पर उठे सवाल

दबतोरी। वजीरगंज थाना क्षेत्र में करेंगी के आसपास बंदरों की संख्या बहुतायत में रही है। बकौल प्रधान रीतेश- पिछले कुछ दिनों से बंदरों की संख्या घट रही है। इलाके में कोई बंदर मृत नहीं मिला है, लेकिन तेंदुए जैसा जानवर देखे जाने के बाद तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। ऐसा भी हो सकता है कि इलाके में तेंदुए की दस्तक से बंदर दूर भाग गए हों।

उझानी में तो आईवीआरआई की रिपोर्ट को दबाए बैठे रहे थे अफसर

उझानी। बिसौली क्षेत्र के करेंगी के जंगल में दिखे तेंदुए जैसे जानवर कोे जंगली बिल्ली बता देना वन विभाग के अफसरों के लिए कोई नई बात नहीं है। उझानी के मामले में अफसरों ने जंगली जानवर के पोस्टमार्टम में शव तेंदुआ का ही होने की पुष्टि हो गई, तब भी अफसर आईवीआरआई की रिपोर्ट दबाए बैठे रहे।

दरअसल, किसी भी इलाके में तेंदुआ दिखता है तो इलाके में वन विभाग की पेट्रोलिंग पर सवाल उठने लगते हैं। कर्मचारी अपने अफसरों को बीट कार्रवाई के साथ पेट्रोलिंग के बारे में रिपोर्ट करते हैं। हकीकत में रिपोर्ट कैसे तैयार की जाती है, यह अफसर भी जानते हैं। फिर भी, इलाके में तेंदुआ दिख जाए तो उसे जंगली बिल्ली बताकर जिम्मेदारी से पल्लू झाड़ लिया जाता है। उझानी के बुटला के पास नगर निवासी डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता के बाग के पास झाड़ी में जब तेंदुआ मृत मिला, तो रेंजर रवींद्र विष्ट ने उसे जंगली बिल्ली साबित करने की पूरी कोशिश की थी।

आईवीआरआई बरेली में बरामद जानवर के शव का पोस्टमार्टम हुआ तो चिकित्सकों के पैनल ने उसे तेंदुआ करार दिया था। उसकी मौत स्वभाविक तरीके से नहीं होने की बात कही गई थी, फिर भी वन विभाग के अफसरों ने रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की। तेंदुआ इलाके में कैसे पहुंचा, इस बात की तह तक जाने के लिए जंगल में जांच भी नहीं की गई। तेंदुआ की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक वन विभाग के दफ्तर में कैद बताई जा रही है।

बिसौली क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक को लेकर जुटी वन विभाग की टीम।

बिसौली क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक को लेकर जुटी वन विभाग की टीम।


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