Budaun News: गन्ने की फसल में लग रहा पोक्का बोईंग रोग

खेत में खड़ी गन्ने की फसल। संवाद
बदायूं। गन्ने की फसल में कहीं-कहीं पोक्का बोईंग नामक रोग लगने लगा है। इससे फसल को नुकसान हो रहा है। फसल की बढ़वार रुक रही है। इस रोग में फसल की पत्तियां सिकुड़ जाती हैं, उन पर सफेद धब्बे पड़ जाते हैं। बाद में पत्तियां काली होकर नीचे गिर जाती हैं। इसका आखिरी उपचार रसायन का छिड़काव है।
जेष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अशोक कुमार का कहना है कि उन्होंने हाल में गन्ना क्षेत्रों का भ्रमण किया था। इस दौरान कई खेतों की फसल में पोक्का बोईंग रोग के लक्षण देखने को मिले हैं। उन्होंने बताया कि यह रोग फ्यूजेरियम स्पेशीज कवक से फैल रहा है। इसके लक्षण पत्तियों में सिकुड़न, उन पर सफेद धब्बे और संक्रमण बढ़ने पर पत्तियों का काली पड़ जाना है।
पत्तियों का ऊपरी भाग सड़कर गिर जाता है। अगोले में हरापन समाप्त होने लगता है। इससे गन्ने की बढ़वार पर बड़ा असर पड़ता है। अगर इस रोग को समय रहते नहीं रोका गया, तो यह पूरे खेत में फैल जाता है। इसका उचित उपचार रसायन का छिड़काव है। किसान रोग की पहचानकर सही समय पर छिड़काव कराएं।
तीन चरण में फैलता है रोग
यह पोक्का बोईंग रोग तीन चरण में फैलता है। पहली अवस्था को क्लोरोटिक फेज कहते हैं। इससे ही इसकी शुरुआत होती है। दूसरी अवस्था को टॉप राट कहते हैं। इसमें फसल की पत्तियां सड़कर नीचे गिर जाती हैं। ऊपरी हिस्सा नुकीला हो जाता है। आखिरी चरण में गन्ने की पोरियां छोटी रह जाती हैं। उन पर चाकू जैसे कट का निशान दिखाई देता है।

