Budaun News: रेलवे स्टेशन की बदल रही काया, पर कब हटेगा गंदगी का साया

उझानी स्टेशन के प्लेटफार्म के पास खाली पड़ी भूमि पर लगे गंदगी के ढेर। संवाद
– उझानी रेलवे स्टेशन के एक ओर तालाब तो दूसरी तरफ मुंह चिढ़ाते हैं कचरे के ढेर
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी (बदायूं)। एक ओर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 4.60 करोड़ रुपये खर्च कर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की दिशा में काम शुरू हो चुका है तो दूसरी ओर स्टेशन के एक छोर पर तालाब का रूप ले चुके इलाके की स्थिति अब भी बदहाल है। इस पर अब तक किसी की नजर नहीं पड़ी है।
प्लेटफार्म से सटे कासगंज की ओर वाले छोर पर रेलवे की काफी जमीन खाली पड़ी है। पखा रोड से स्टेशन तक पहुंचने वाले यात्री इसी रास्ते से प्लेटफार्म तक आते-जाते हैं। करीब दो दशक से लोग यहीं पर कचरा भी फेंका जा रहा है। यहीं पर ठेला-खोमचे और ई-रिक्शा वाले खड़े हो जाते हैं तो छुट्टा पशुओं ने भी यहीं अपना बसेरा बना लिया है।
इसके अलावा मिल कंपाउंड से जुड़े रेलवे के संपर्क मार्ग और रेल कर्मियों के आवासीय परिसर के बीच स्थित रेलवे की भूमि पर तालाब भी बन गया है। दरअसल, यहां मिल कंपाउंड की नालियों का पानी गिरता है। ऐसे में रेलवे कर्मियों को काफी दिक्कत होती है। इस संबंध में कर्मचारियों ने शिकायत भी की पर स्थिति अब भी जस की तस है।
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जाम की समस्या से नहीं पाया जा सका पार
रेलवे स्टेशन से जुड़े अढौली रेल फाटक से ट्रेन पास होते समय जब भी फाटक बंद होता है, तब दोनों ओर ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी लाइन लग जाती है। ऐसा इसलिए भी होता है कि मालगोदाम प्लेटफार्म पर रैक लोडिंग और अनलोडिंग के दौरान अनाज और खाद लदे वाहन भी यहीं से होकर गुजरते हैं। साथ ही कादरचौक तक आने-जाने का यही इकलौता रास्ता है। हर रोज जाम के झमेले से परेशान नागरिकों की शिकायत पर प्रशासनिक स्तर से सर्वे कराकर रेलवे को रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक अंडरपास या फिर ओवरब्रिज निर्माण को स्वीकृति नहीं मिल पाई है।

उझानी स्टेशन के प्लेटफार्म के पास खाली पड़ी भूमि पर लगे गंदगी के ढेर। संवाद