बदायूं

Budaun News: दिन में तीन बार रंग बदलता है पान दरीबा मंदिर का शिवलिंग

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Shivling of Pan Dariba temple changes color thrice a day

पान दरीबा मंदिर।

बदायूं। शहर में स्थित पान दरीबा मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का विशेष केंद्र है। यहां स्थापित शिवलिंग कब का है, इसके प्रमाण तो नहीं है, लेकिन लोग करीब 1200 साल पुराना बताते हैं। इसकी खास बात यह है कि ये दिन के तीनों पहर में तीन रंग बदलता है। सावन के महीने में यहां शिवभक्तों का तांता लगा रहता है।

मोहल्ला पटियाली सराय में पानदरीबा मंदिर स्थित है। वैसे तो मंदिर का नाम शिवजी महाराज मंदिर है, लेकिन अब यह दरीबा मंदिर या पान दरीबा मंदिर के नाम से अपनी पहचान बना चुका है। कुछ बुजुर्गों का कहना है कि इस मोहल्ले में पहले जो लोग रहा करते थे, उनमें से अधिकांश पान का काम करते थे, जिससे इसका नाम पान दरीबा पड़ गया।

हालांकि मंदिर के पुजारी सत्यपाल शर्मा का कहना है कि वर्ष 1989 से उन्होंने इस मंदिर की जिम्मेदारी संभाली थी। तब यहां खंडहर था। लोगों के सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार कराया। इसके बाद पान का काम करने वाले कुछ लोगों ने इस जमीन को अपना बताना शुरू कर दिया। उन्हीं लोगों ने इसे पान दरीबा नाम दिया, जिसके बाद से लोग इसे इस नाम से पुकारने लगे।

इस मंदिर की खास बात यहां स्थापित शिवलिंग है। शिवलिंग करीब तीन फुट ऊंचा है और इतना ही यह जमीन के भीतर बताया जाता है। पुजारी बताते हैं कि इस शिवलिंग को दो नागा साधुओं ने स्थापित किया था। यहां इन बाबाओं की मढ़ी थी। इन साधुओं की समाधि भी इस मंदिर में बनी है। बताते हैं कि यह शिवलिंग दिन में तीन बार अपना रंग बदलता है।

सुबह के समय यह सफेद रंग का दिखाई देता है तो दोपहर में गुलाबी हो जाता है। शाम को यह हल्का पीलापन लिए दिखाई देता है। शिवलिंग के अलावा यहां माता दुर्गा, मां संतोषी, मां काली की प्रतिमाएं भी हैं।

फोटो- 17

पारे का रसलिंग है गौरीशंकर मंदिर की पहचान

बदायूं। श्री सहस्रधाम गौरीशंकर देवालय श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। यहां की खासियत यहां स्थापित पारे का बना रसलिंग (शिवलिंग) है। सावन और महाशिवरात्रि में यहां पर काफी संख्या में शिव भक्त आते हैं। सावन में हजारों कांवड़िये यहां जलाभिषेक करते हैं।

शहर के उसावां रोड पर मंडी समिति के पास स्थित गौरीशंकर मंदिर की स्थापना वर्ष 2000 में रामशरण रस्तोगी ने की थी। मंदिर के मुख्य पुजारी कृष्ण नेपाली मूल के हैं, उनके साथ असम से पुजारी भीष्म भी हैं। यह दोनों 2017 से यहां पर पांडित्य कर्म कर रहे हैं। पुजारी कृष्ण के मुताबिक मंदिर को जिस खास शिवलिंग (रसलिंग) के लिए जाना जाता है, वह पारे व सोने से बना है और देश में ऐसा दूसरा शिवलिंग केवल नेपाल के पशुपतिनाथ में ही है। वहां की तर्ज पर पर ही गौरीशंकर देवालय में भी पूजा पाठ होता है। मान्यता है कि इस रसलिंग के स्पर्श, पूजन से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। संवाद

पान दरीबा मंदिर।

पान दरीबा मंदिर।

पान दरीबा मंदिर।

पान दरीबा मंदिर।


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