Budaun News: सर्वे न जागरूकता, शुरू हुआ पुरुष नसबंदी पखवाड़ा
बदायूं। शासन ने भले ही पुरुष नसबंदी पखवाड़ा शुरू कर दिया हो, लेकिन अभी जिले में इसको लेकर कोई तैयारी नहीं की गई है। पहले चरण में आशा संगिनी की ओर से गांवों का सर्वे कर लोगों को जागरूक करने का कार्य भी शुरू नहीं हो सका है।
स्वस्थ मां, स्वस्थ बच्चा, जब पति का हो परिवार नियोजन में योगदान अच्छा थीम पर इस बार पुरुष नसबंदी पखवाड़ा 21 नवंबर से चार दिसंबर तक दो चरणों में होना है। इसमें 21 से 27 नवंबर तक पहला चरण ‘मोबिलाइजेशन’ यानि प्रचार-प्रसार और जन जागरूकता के लिए चलेगा। 28 नवंबर से चार दिसंबर तक दूसरा चरण सेवा प्रदायगी के लिए चलेगा।
जिले में अभी तक न तो प्रचार प्रसार शुरू हो सका है और न आशाओं को अभी यह तक पता है कि उनको गांव में घूमकर पुरुषों की नसबंदी का सर्वे कर लोगों को जागरूक भी करना है। नसबंदी को लेकर जिला स्तरीय बैठक भी नहीं हुई है।
परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अब्दुल सलाम ने बताया कि नसबंदी कराने वाले पुरुष लाभार्थी को 3000 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाते हैं। साथ ही नसबंदी के लिए प्रोत्साहित करने वाली आशा कार्यकर्ता को 400 रुपये प्रति केस दिया जाता है ।
इच्छुक लोगों का पंजीकरण और गांव-गांव जागरूकता अभियान व सर्वे कार्य शुरू कराया गया है। अगर जिले में पंजीकरण का कार्य शुरू नहीं किया गया है तो यह शर्मनाक है। परिवार नियोजन के तहत पुरुषों के साथ महिलाओं की नसबंदी के लिए भी शिविर में व्यवस्था रहेगी। जागरूकता के लिए जिला स्तर पर गाड़ियां लगा दी गई हैं। नोडल अधिकारी अभी नए आए हैं। जिलेभर में जोर शोर से व्यापक प्रचार प्रसार शुरू करा दिया जाएगा। -डॉ. पुष्पा पंत, एडी हेल्थ