Budaun News: उझानी में भी कई लोगों ने किया था आईसीएल में निवेश
– यहां के निवेशकों का चिटफंड कंपनी पर है 36 लाख रुपये बकाया
– कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप चुके हैं तहरीर, बोले- पैरोकार हैं मजबूत
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं/उझानी। चिटफंड कंपनी आईसीएल (इमेज कैरियर लिमिटेड) ग्रुप ने रकम दोगुनी करने के नाम पर इलाके के कई लोगों को चूना लगाया है। पिछले दिनों सेवानिवृत स्वास्थ्य कर्मी हरवंश सिंह के नेतृत्व में निवेशकों ने पुलिस के सामने पेश होकर हकीकत बयां की तो करीब 36 लाख रुपये का बकाया बताया गया था।
कंपनी के सीएमडी रूपकिशोर गोला और डायरेक्टर जितेंद्र गुप्ता की बरेली में गिरफ्तारी के बाद निवेशकों ने राहत महसूस की है। आईसीएल में इलाके के करीब 25 निवेशकों की रकम दोगुनी होने की मियाद एक-डेढ़ साल पहले पूरी हो चुकी है। कंपनी के कारिंदे भी इस हकीकत से वाकिफ हैं, लेकिन कई बार संपर्क किए जाने के बाद कंपनी की ओर से निवेशक का धन अवमुक्त नहीं किया गया। निवेशकों में पूर्व स्वास्थ्य कर्मी हरवंश सिंह ने बताया कि उनके जरिए भी कई लोग कंपनी से जोड़े गए थे।
वह कई बार सीएमडी रूपकिशोर गोला और डायरेक्टर जितेंद्र गुप्ता के कार्यालय भी गए, लेकिन किसी ने भी मिलने का समय नहीं दिया था। इसी के चलते उन्हें पिछले दिनों पुलिस की शरण ली। उसी दिन बदायूं के निवेशकों ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी तो कोतवाली पुलिस ने उस पर कार्रवाई करा देने का आश्वासन दिया था।
निवेशकों में पुष्पेंद्र पाल, चरन सिंह, सरिता, देवेंद्र पाल, संगीता पाल, प्रेमपाल, होडिल सिंह, महावीर प्रसाद, ममता रानी, सुषमा और प्रियंका के नाम भी शामिल हैं। ममता और सुषमा ने ही लाखों रुपये का निवेश किया था। हरवंश ने पांच बार निवेश किया। उनका आठ-नौ लाख रुपया बताया जा रहा है। निवेशकों में कई स्वास्थ्य कर्मचारी हैं, जिनमें अधिकतर सेवानिवृत हो चुके हैं। सीएमडी समेत डायरेक्टर की गिरफ्तारी के बाद निवेशक हरवंश ने बताया कि आरोपी रूपकिशोर गोला को सजा जरूर मिलेगी। निवेशकों की रकम भी वापस मिलेगी।
आईसीएल के निदेशक, ट्रेनिंग डायरेक्टर
को रिमांड पर लेगी बदायूं पुलिस
– चिटफंड कंपनी ने सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप के पास खोला था ऑफिस
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। चिटफंड कंपनी आईसीएल के निदेेशक और ट्रेनिंग डायरेक्टर को बरेली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय सिविल लाइंस पुलिस भी आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। चूंकि सिविल लाइंस थाने में निवेशकों का रुपया हड़पने की एफआईआर दर्ज है, इसलिए पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर यहां भी लाएगी।
चिटफंड कंपनी आईसीएल ने सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप के पास ऑफिस खोला था। यहां बाकायदा निवेशकों से रुपये जमा करवाने के लिए एजेंट भी रखे थे। कंपनी के निदेशक रूपकिशोर गोला, एडमिन डायरेक्टर एके गोला, ट्रेनिंग डायरेक्टर जेके गुप्ता की स्थानीय स्तर पर पकड़ मजबूत होने के चलते उन्होंने मौके का फायदा उठाया और कई लोगों को रकम दोगुनी करने का झांसा देते हुए उनसे अपनी कंपनी में पैसे जमा करा लिए।
चिटफंड कंपनी के एजेंट रहे सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहल्ला ब्राह्मपुर रजी चौक निवासी प्रेमशंकर गुप्ता ने निवेशकों के रुपये न लौटाने पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। प्रेम शंकर गुप्ता के मुताबिक, चिटफंड कंपनी पर यहां के लोगों का करीब आठ से दस करोड़ रुपये बकाया है। शहर के कई नामचीन हस्तियों ने भी मोटी रकम जमा की थी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद सिविल लाइंस पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ पा रहे थे। इधर, उनकी सियासी ताकतें भी पुलिस की कार्रवाई में बाधक बन रही थीं। ऐसे में जब निदेशक रूपकिशोर गोला, ट्रेनिंग डायरेक्टर जेके गुप्ता को बरेली पुलिस ने गिरफ्तार किया तो स्थानीय निवेशकों ने सिविल लाइंस पुलिस ने संपर्क किया, ताकि उनको पकड़कर यहां भी लाया जाए और उनका पैसा मिल सके। एसएचओ सिविल लाइंस गौरव विश्नोई ने बताया कि आरोपी बरेली में पकड़े गए हैं। उनको यहां भी रिमांड पर लाया जाएगा।