Budaun News: वेंडर ढूंढ रहे व्यापार का ठिकाना.. नगर पालिका दो साल से कर रही बहाना
बदायूं। शहर में रजिस्टर्ड ठेले, खोमचे वालों को व्यापार करने के लिए सात स्थानों को वेंडिंग जोन घोषित किया गया। वेंडिंग जोन घोषित होने के बाद वहां मॉडल फूड कॉर्नर बनवाए गए, ताकि उनकी कीमत अदा करने वालों को रोजगार करने की अनुमति दी जा सके। मगर, यहां दो साल से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन फूड कॉर्नर को आवंटित नहीं कर पाया है।हर बार नया बहाना बनाकर टाल दिया जाता है।
शहर में मिशन स्कूल के पास घोषित किए गए वेंडिंग जोन में छह मॉडल फूड कॉर्नर बनाए गए थे। दो फूड कॉर्नर डीएम चौराहे के पास बने थे। बरेली की एक कंपनी ने मॉडल फूड कॉर्नर तैयार किए थे। इसमें एक फूड कॉर्नर तैयार करने में 1.36 लाख रुपये की लागत आई थी। नगर पालिका प्रशासन की योजना थी कि इन मॉडल फूड कॉर्नर को आवंटित कर रजिस्टर्ड वेंडरों को रोजगार दिया जा सके।
मगर, यहां तीन फूड कॉर्नर में तो एक पूर्व जनप्रतिनिधि के बेटे ने कब्जा कर रेस्टोरेंट खोल लिया, बाकी फूड कॉर्नर भी सियासत में फंसे रहे। हैरत की बात तो यह है कि दो साल से नगर पालिका प्रशासन इन मॉडल फूड कॉर्नरों को आवंटित नहीं कर पाई है। इस वजह से फूड कॉर्नरों को लेने वाले वेंडरों में भी निराशा है। इधर, नगर पालिका प्रशासन को भी इनकी नीलामी न होने से राजस्व को नुकसान है।
वर्जन …
– वेंडिंग जोन में जो मॉडल फूड कॉर्नर बने हैं उनको आवंटित किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जल्द ही इनको नियम के तहत आवंटित किया जाएगा। – डॉ. दीप कुमार, ईओ नगर पालिका परिषद