Budaun News: पानी कम हुआ तो कीचड़ ने बढ़ाई मुश्किल

दातागंज में खेतों में पानी भरने के कारण फसल बर्बाद होने के बाद बैठा किसान। संवाद
लालपुर से गढि़या रंगीन को जाने वाले रोड पर शुरू हुआ आवागमन, दो मार्गों पर अब भी भरा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
दातांगज। रामंगगा का जलस्तर कम होने के बाद गांवों में भरा पानी भी कम होने लगा है लेकिन अब कीचड़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
लालपुर से गढि़या रंगीन को जाने वाले मार्ग पर पानी उतर गया है लेकिन कीचड़ के कारण दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। इसके अलावा अब भी दो मार्गों पर पानी भरा हुआ है।
यहां बता दें कि पिछले दिनों दातागंज तहसील क्षेत्र से होकर निकल रही रामगंगा ने लोगों को परेशानी में डाल दिया था। जलस्तर बढ़ जाने से तमाम गांवों में पानी भर गया था। जिससे क्षेत्र के जलेबी नगला, उदैईया नगला, हर्रामपुर, नवादा, पट्टी बिजा, लालपुर खादर, कुडरा मजरा, जरतौली समेत दो दर्जन गांवों का संपर्क पूरी तरह से जिला मुख्यालय से टूट गया था।
सखतपुर, सिमरिया, मौसमपुर, अखत में तो रामगंगा का पानी गलियों तक में घुस गया था। लालपुर से गढि़या रंगीन, हजरतपुर से लालपुर तथा नगरिया खनू से कुडरा मजरा के लिए जाने वाले रास्ते भी पानी के कारण बंद हो गए थे। अब लालपुर से गढि़या रंगीन जाने वाले मार्ग पर पानी उतर गया है, जिससे यहां आवागमन शुरू हो गया है लेकिन कीचड़ होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बाकी दोनों मार्ग पर अब भी पानी भरा है।
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बाढ़ से हजारों बीघा फसल फसल बर्बाद
रामगंगा का पानी खेतों में भर जाने के कारण किसानों की हजारों बीघा फसल बर्बाद हुई है। पानी उतरने के बाद जब किसानों ने खेतों की तरफ रुख किया तो सिर पकड़कर बैठ गए। हजरतपुर के राजेश ने 50 बीघा में बाजरा, उर्द, तिल और मक्का की फसल बोई थी। पानी भरने के कारण पूरी फसल बर्बाद हो गई। जागन की 20 बीघा में तिल और मक्का, सुरेश की 20 बीघा में तिल और मक्का और चकवा गांव के जैतपाल की 30 बीघा में बोई गई मक्का की फसल नष्ट हो गई है। इसके अलावा नगला सुखपाल सिंह के बिजेंद्र की तीन बीघा उर्द और आठ बीघा धान की फसल पूरी तरह खत्म हो गई है। यही हाल दिगंबर सिंह, ब्रजमोहन, संजू, रामसेवक आदि किसानों का है।