Budaun News: जाम से मिलेगी निजात… उझानी में बनेगा एक ओर बाइपास
बदायूं। जिले के प्रमुख उपनगर उझानी में एक और बाइपास बनाया जाएगा। यह बाइपास छतुईया से गंगोरा तक बनेगा। इधर, कासगंज से जिले की तरफ बरेली-मथुरा हाईवे के चौड़ीकरण का काम भी जल्द शुरू होगा। इस बाइपास के बनने से उझानी नगर में जाम की समस्या खत्म होगी।
जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित उपनगर उझानी दो प्रमुख हाईवे बरेली-मथुरा और बदायूं-मेरठ पर स्थित है। ऐसे में उझानी में जाम लग जाता था। इसे ध्यान में रखते हुए कई साल पहले एक बाइपास निकाला गया था। इससे काफी हद तक उझानी में जाम से निजात मिली। वर्ष 2019 में बरेली-मथुरा हाईवे को एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने अपने अधिकार में ले लिया।
इसके बाद में मथुरा की तरफ से एनएचएआई ने काम शुरू कराया। अब तीसरे चरण का काम भी शुरू होने जा रहा है। इसमें एनएचएआई ने यहां पर एक और बाइपास प्रस्तावित किया है। यह छतुईया से गंगोरा तक निकाला जाएगा। आठ किलोमीटर के इस बाइपास के निर्माण को लेकर एनएचएआई ने जमीन का मुआयना कर लिया है। अब एक से दो माह बाद काम शुरू करने की तैयारी है। इस बाइपास के बनने से उझानी में जाम की समस्या से लोगों को काफी हद तक निजात मिल जाएगी। विकास के नए रास्ते भी निकलेंगे, हालांकि विभाग अभी यह नहीं बता पा रहा है कि इस बाइपास पर कितना धन खर्च होगा।
बिल्डरों ने टिकीं नजरें
-जिन लोगों की जमीन बाइपास में आएगी। उन लोगों को सरकार की ओर से उचित मुआवजा दिया जाएगा। इसका पूरा लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है, इधर यह भी चर्चा है कि जिस स्थान से नया बाइपास प्रस्तावित हुआ है। उधर, बिल्डर की नजरें टिकी हुई है। वह वहां पर अभी से जमीनों को खरीदने में लग गए हैं, ताकि भविष्य में बाइपास के आसपास जमीनों के रेट उचित मिल सके।
इन गांवों से होकर निकलेगा बाइपास
-एनएचएआई की ओर से उझानी में जो बाइपास बनाया जाएगा। वह 8.1 किलोमीटर का होगा। कछला की तरफ से आते हुए छतुईया गांव के पास से बनेगा। इसके बाद अचौरा, नरऊ, अढौली होते हुए गंगोरा पर निकलेगा। ऐसे में जिन लोगों को उझानी नहीं जाना है। वह इसी हाईवे का उपयोग करते हुए बाइपास के माध्यम से बाहर आ जाएंगे।
जहां पर आबादी वाला क्षेत्र है। वहां से हाईवे नहीं निकाला जाएगा। उसके लिए अलग से बाइपास बनाया जाएगा। जिससे लोगों को कोई दिक्कत न हो। ऐसे में उझानी में बाइपास का निर्माण कराया जाएगा। जो आठ किलोमीटर का होगा। इस पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।
-उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई