अव्यवस्था : लैब तक नहीं पहुंच रहे कोविड सैंपल, भटक रहे संदिग्ध
बरेली। कोरोना संक्रमण के मामले भले ही थम गए हैं, लेकिन शासनादेश के तहत संदिग्ध मरीजों और जरूरतमंदों की सैंपलिंग हो रही है। ये सैंपल लैब पहुंचने के बजाय तीन सौ बेड अस्पताल में डंप हो रहे हैं। वहीं, जांच रिपोर्ट न मिलने से लोग परेशान हो रहे हैं। हालत यह है कि सैंपल देने के कई दिन बाद भी रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट नहीं हो रही है। अमर उजाला की टीम ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि पिछले कई दिनों के सैंपल तीन सौ बेड अस्पताल में ही पड़े हुए हैं।
अस्पताल की लैब टेक्नीशियन के मुताबिक जांच के बाद सैंपल संबंधित टीम को सौंप देते हैं। सैंपल जांच के लिए केंद्र पहुंचे या नहीं, पोर्टल पर रिपोर्ट अपडेट हुई या नहीं, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। बताया कि अब सीजर केस, विदेश यात्रा, परीक्षार्थी, चाइल्ड लाइन, सखी वन स्टॉप सेंटर, इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस, सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के मरीजों की ही कोविड जांच होती है।
ये सैंपल हैं डंप
अस्पताल में भोजीपुरा सीएचसी से जांच के लिए भेजे गए आरटीपीसीआर सैंपल के छह बॉक्स डंप हैं। एक बॉक्स में 19 अगस्त के 49, दूसरे में 23 अगस्त के 49, तीसरे में 21 अगस्त के 51, चौथे में 24 अगस्त के 51, पांचवें में 20 अगस्त के 11, छठवें में 22 अगस्त के 52 सैंपल हैं। विशेषज्ञ के मुताबिक सैंपल अगर खुले में रखे हैं और तापमान 30 डिग्री से ज्यादा है तो 24 घंटे में उनके खराब होने की आशंका रहती है।
रिपोर्ट न मिलने से हो रही नोकझोंक
आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट नहीं हो रही। रिपोर्ट के लिए लोग सैंपलिंग सेंटर पहुंच रहे हैं। जानकारी नहीं मिलने पर नोकझोंक की स्थिति भी बन रही है। सर्विलांस सेल प्रभारी डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक रोज 10-12 सैंपलिंग हो रही है। रिपोर्ट अपडेट न होने के बारे में जानकारी से इन्कार कर दिया।
पहले भी डंप हुए हैं सैंपल
कोरोना सैंपल डंप होने का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले अक्तूबर 2021 और नवंबर 2021 में सैंकड़ों सैंपल डंप होने और प्रकरण सामने आने पर जूते से कुलचने का वीडियो वायरल हुआ था। जांच में अस्पताल के सीएमएस आंशिक दोषी पाए गए थे। स्टाफ को क्लीनचिट मिली थी।
रिपोर्ट के लिए परेशान हो रहे लोग
केस-1
सैलानी की शगुफ्ता की तबीयत खराब थी। डॉक्टर ने कोविड जांच के लिए कहा था। 10 दिन पहले उन्होंने आरटीपीसीआर जांच कराई थी पर रिपोर्ट अब तक अपडेट नहीं हुई।
केस-2
पुराना बस अडडा के पास रहने वाले मोहन ने भी तबीयत खराब होने पर डॉक्टर की सलाह पर तीन सौ बेड अस्पताल में जांच कराई थी। रिपोर्ट अब तक पोर्टल पर अपडेट नहीं हुई।
अस्पताल में सैंपल डंप होने का प्रकरण संज्ञान में नहीं है। जो भी सैंपल प्राप्त हो रहे हैं, उन्हें उसी दिन जांच के लिए भेज दिया जाता है। अगर सैंपल जांच के लिए नहीं भेजे गए हैं तो इसे दिखवाएंगे। जो जिम्मेदार होगा, उस पर कार्रवाई होगी। – डॉ. भानु प्रकाश, सीएमएस, तीन सौ बेड अस्पताल



