कांवड़ यात्रा : दूसरे पड़ाव के लिए निकले भक्त

उझानी में लगीं भोले के श्रृंगार के सामान की दुकान।
कछला गंगाघाट पर पहुंच रहे हैं आसपास जिलों के कांवड़िये
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी/कछला (बदायूं)। कांवड़ यात्रा के दूसरे पड़ाव के लिए कछला घाट से शिवभक्तों का जल भरकर निकलने का सिलसिला शुरू हो गया है। मंगलवार सुबह कछला घाट से कासगंज और एटा जिलों के कांवड़ियों की पांच टोलियां निकलीं।
कासगंज के सहावर निवासी कांवड़ियों की टोली में शामिल प्रेमप्रकाश ने बताया कि उनकी नौ सदस्यीय टोली शाहजहांपुर जिले के पटना देवकली मंदिर में जलाभिषेक करेगी। इसके अलावा बिल्सी के गांव गुधनी निवासी शिवभक्तों ने भी घाट पर आस्था की डुबकी लगाने के बाद कांवड़ यात्रा शुरू की। गुधनी के कांवड़िये ने भोले के द्वार की झांकी भी गंगाघाट पर सजाई।
टोली में शामिल शिवभक्तों में सुबोध, रोहित और अभिषेक ने बताया कि वह बरेली जिले के गौरीशंकर मंदिर तक झांकी लेकर पहुंचेंगे। गंगाघाट से जुड़े दुकानदारों ने बताया कि तीन-चार दिनों तक कांवड़ियों की संख्या ज्यादा नहीं रहेगी। कांवड़ यात्रा का दूसरा पड़ाव सोमवार को पूरा होगा। बदायूं जिले के कांवड़िये शनिवार और रविवार को निकलेंगे। पुलिस ने भी इसी के मद्देनजर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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रूट डायवर्जन खत्म, अब हाईवे पर दौड़ेंगे वाहनकांवड़ यात्रा का पहला पड़ाव पूरा होने के बाद मंगलवार तड़के से बरेली- मथुरा हाईवे समेत दिल्ली रोड पर उझानी होकर बसें और ट्रक समेत सभी वाहनों ने रफ्तार पकड़ ली। रूट डायवर्जन अब शुक्रवार आधी रात से लागू होगा।
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सज गया कांवड़ बाजार… कर लो भोले का शृंगार
250 की बैकुंठी तो पांच सौ रुपये में खरीदिए खंडेश्वरी कांवड़
दो दर्जन से अधिक दुकानें लगीं, हरेक पर मिलेगा सामान
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी ( बदायूं)। कांवड़ और भोले के शृंगार के लिए बाजार सज कर तैयार है। फीते, चुटीले से लेकर शीशे और शंकर-पार्वती के फोटो तक इस बाजार में हैं तो दुकानदारों ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए रेडीमेड कांवड़ भी तैयार की हैं। बैकुंठी कांवड़ 250 तो खंडेश्वरी कांवड़ पांच सौ रुपये में खरीदी जा सकती है।
बाजार कृषि उत्पादन मंडी समिति के पास बरेली-मथुरा हाईवे पर सजाया गया है। दुकानदार रमेशचंद्र गुप्ता ने बताया कि कांवड़िये शृंगार के सामान के अलावा अपने लिए शंकर-पार्वती के फोटो छपी भगवा टी-शर्ट को ज्यादा वरीयता दे रहे हैं।
दुकानदारों ने रेडीमेड कांवड़ भी तैयार की हैं। रेडीमेड कांवड़ दो प्रकार की हैं। बैकुंठी कांवड़ का मूल्य ढाई सौ रुपये तो खंड़ेश्वरी कांवड़ पांच सौ रुपये में खरीदी जा सकती है। दुकानदार चंद्रपाल का कहना है कि भोले के शृंगार का अधिकतर सामान दिल्ली से खरीद कर लाए हैं।
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हरिद्वार से कांवड़ यात्रा शुरू कर उझानी पहुंचा शिवभक्त
अकेले पैदल निकले सुभाष का रास्ते में हौसला बढ़ा रहे हैं लोग
उझानी। आस्था के चलते मनोकामना पूरी हो जाने पर भक्त को कुछ भी कठिन नहीं लगता। ऐसा ही आज यहां स्टेशन रोड पर मिले कांवड़िये सुभाष चंद्र को देखकर लगा। सुभाष अकेले ही हरिद्वार से पैदल कांवड़ उठाकर चले हैं। वह सोमवार को अपने गांव स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।
करीब 45 वर्षीय शिवभक्त सुभाषचंद्र एटा जिले के जैथरा थाना क्षेत्र के गांव बघौली के निवासी हैं। वह अपने घर से दो जुलाई को पहले बस फिर ट्रेन के जरिये हरिद्वार पहुंचे। बकौल सुभाष- उनकी इच्छा थी कि गांव में भोले बाबा का मंदिर बन जाए। संकल्प लिया था कि मंदिर में भोले बाबा की प्राण प्रतिष्ठा के बाद हरिद्वार से कांवड़ यात्रा पूरी कर जलाभिषेक करेगा।
मंदिर ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से बन चुका है, अब संकल्प पूरा करने को निकल पड़े हैं। शिवभक्त सुभाष का कांवड़ यात्रा के दौरान रास्ते में लोग हौसला बढ़ा रहे हैं। यात्रा के दौरान वह सार्वजनिक स्थलों पर विश्राम करते हैं। कोई भक्त भोजन या जलपान करा दे, तो इन्कार नहीं करते। संवाद

उझानी में लगीं भोले के श्रृंगार के सामान की दुकान।

उझानी में लगीं भोले के श्रृंगार के सामान की दुकान।