परमात्मा है सृष्टि का सार तत्व

कथा व्यास शिवांगी लाड़ली
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शिवांगी ने कहा कि प्रभु हमें समझाना चाहते हैं कि सृष्टि का सार तत्व केवल परमात्मा ही है। इसलिए असार यानी संसार के नश्वर भोग पदार्थों की प्राप्ति में अपना समय, साधन और सामर्थ बेकार करने की जगह हमें अपने अंदर स्थित परमात्मा को प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसी से जीवन का कल्याण संभव है।
कथा व्यास बोलीं- वास्तविकता में श्रीकृष्ण केवल ग्वाल-बालों के सखा भर नहीं थे, बल्कि उन्हें दीक्षित करने वाले जगद्गुरु भी थे। श्रीकृष्ण ने उनकी आत्मा का जागरण किया और फिर आत्मिक स्तर पर स्थित रहकर सुंदर जीवन जीने का अनूठा पाठ पढ़ाया।
आयोजकों में निधि अग्रवाल, मोहित अग्रवाल और चंदू ने बताया कि कथा रोजाना शाम छह बजे से रात 9:30 बजे तक सुनाई जा रही है। समापन 29 अगस्त को होगा।



