एफआर लगाना हो तो न्यायालय के कंधे का इस्तेमाल न करें : कोर्ट
बरेली। किसी मामले में एफआर लगाना हो तो न्यायालय के कंधे का इस्तेमाल न करें। अदालत ने यह टिप्पणी उस समय की जब पीड़िता पुलिस की कहानी का समर्थन नहीं कर रही थी। उसके बाद भी विवेचक ने मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान कराने की अर्जी दे दी। मामला एसीजेएम रवि कुमार दिवाकर की अदालत का है।
अपहरण के मामले की विवेचना कर रहे थाना बिथरी चैनपुर में तैनात उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार ने कोर्ट में अर्जी देकर सीआरपीसी की धारा 164 के तहत पीड़िता के बयान कराने की गुहार लगाई। विवेचक ने कहा कि पुलिस के सामने पीड़िता के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, अब मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराना जरूरी है। इस अर्जी पर कोर्ट ने आदेश पारित करते हुए कहा कि पीड़िता के बयान अभियोजन कथानक के बिल्कुल उलट हैं। अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रूलिंग का हवाला देते हुए कहा कि पीड़िता के बयान उसके मिलने के बाद कम से कम 15 दिन से दो महीने के बीच कराना चाहिए, न कि बरामदगी के तुरंत बाद।
जहां पीड़िता अभियोजन कथानक का समर्थन नहीं कर रही हो, वहां बयान लिखने से मना किया जा सकता है। इस मामले में विवेचक ने एफआर लगाने की मंशा से अर्जी दी है। कोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए कहा कि विवेचक न्यायालय को हथियार के रूप में प्रयोग नहीं कर सकता। आदेश में थानाध्यक्ष बिथरी चैनपुर को भी हिदायत दी है कि अगर किसी मामले में एफआर लगाना हो तो अदालत के कंधे का इस्तेमाल न करें। आदेश की प्रति अपर पुलिस महानिदेशक को भी भेजने के लिए कहा है ताकि कोर्ट का बहुमूल्य समय अनावश्यक कार्यों में बर्बाद न हो।
संरक्षित पशु की हत्या के चार दोषियों को चार-चार साल कैद
बरेली। संरक्षित पशु की हत्या के चार दोषियाें को अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार यादव की अदालत ने चार-चार साल कैद की सजा सुनाई है। घटना मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव नगरिया सादात की है। पुलिस टीम ने 23 सितंबर 2011 को फारूख, आशिफ, अशरफ बाबू, यासीन व इरफान को संरक्षित पशु की हत्या करते हुए गिरफ्तार किया था। सरकारी वकील तेजपाल सिंह राघव ने पांच गवाह पेश किए। कोर्ट ने फारूख, आशिफ, अशरफ व यासीन को दोषी ठहराते हुए चार-चार साल कैद की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के दौरान इरफान कोर्ट से गैरहाजिर रहा कोर्ट ने उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया। उसकी सजा पर फैसला उसके कोर्ट में हाजिर होने पर होगा। संवाद
अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
बरेली। नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट हरि प्रकाश गुप्ता की अदालत ने खारिज कर दी। प्रेमनगर थाना क्षेत्र निवासी शख्स ने लिखाई गई रिपोर्ट में कहा कि उसकी बेटी 12 मई को सुबह सात बजे घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी, लेकिन वह न तो स्कूल पहुंची और न ही कोचिंग। उन्होंने आशंका जाहिर की कि सनी कश्यप उसे कहीं ले गया है। बताया कि जब से बेटी घर से गई है, तब से सनी कश्यप भी अपने घर से गायब है। आरोपी की ओर से जमानत अर्जी लगाई गई जिसका विरोध सरकारी वकील राजीव तिवारी ने किया। कोर्ट ने भूड़ निवासी आरोपी सनी कश्यप की जमानत अर्जी खारिज कर दी। संवाद
कोर्ट के आदेश पर ट्रक चोरी की रिपोर्ट दर्ज
बरेली। इज्जतनगर क्षेत्र निवासी इंजीनियर का ट्रक चोरी होने के मामले में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। लॉकडाउन में संतनगर निवासी इंजीनियर अंकित सक्सेना की नौकरी चली गई तो उन्होंने पिता की जमापूंजी से डाउन पेमेंट कर ट्रक खरीदा। 14 जुलाई को अंकित ट्रक लेकर बड़ा बाईपास से बिलवा जा रहे थे। तभी अहलादपुर चौकी से थोड़ी दूर रात में टायर पंक्चर हो गया। हेल्पर नहीं होने से अंकित टायर नहीं बदल पाए तो उसे वहीं खड़ा कर घर आ गए। अगले दिन जाकर देखा तो वहां ट्रक नहीं था। वह रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस उनको टरकाती रही। थक-हारकर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। 22 अगस्त को कोर्ट के आदेश पर ट्रक चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। ब्यूरो



