प्रेम जोड़ता है, अभिमान तोड़ता है : अचल शास्त्री
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 24 Sep 2023 12:04 AM IST

देवीस्थान मंदिर में रामकथा में कथा सुनाते कथावाचक अचल कृष्ण शास्त्री । संवाद
बिलसंडा। देवीस्थान मंदिर पर चल रही रामकथा में भागवत पीठ से पधारे कथाव्यास अचल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि व्यक्ति को चाहे कितना भी बड़ा पद, प्रतिष्ठा एवं सम्मान मिल जाए, उसका कर्तव्य है सदैव अपने माता-पिता, गुरुजनों, श्रेष्ठजनों, अग्रजों के सामने सहज और सरल बनकर रहे। अभिमान व्यक्ति को तोड़ता है, जबकि प्रेम जोड़ता है।
उन्होंने कहा कि प्रेमी व्यक्तित्व अनुकरणीय और सराहनीय है। उन्होंने कहा जब भगवान राम जनकपुर की शोभा देखने गए तो वहां की अलौकिक शोभा एवं सब नगरवासियों का प्रेमी व्यक्तित्व देखकर गदगद हो गए। भगवान राम ने अभिमान रूपी धनुष को तोड़कर सीता मईया से नाता जोड़ा। सीता जनक को खेत में हल चलाते समय मिलीं। सीता शांति की प्रतीक हैं। शांति सदैव परमार्थ और परिश्रम से ही प्राप्त होती है।