अध्यापकों को गीता का ज्ञान होना आवश्यक: मनोड़ी

विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री राधाकृष्ण मनोड़ी।
उझानी। विश्व गीता संस्थान की ओर से हर-हर गीता घर-घर गीता अभियान के तहत जनजागरण यात्रा पर निकले विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री राधाकृष्ण मनोड़ी ने गीता पढ़ने पर जोर दिया। कहा कि हर स्कूल और कॉलेज के अध्यापकों को भी इसका ज्ञान होना आवश्यक है। अध्यापक जब बच्चों को इसका बोध कराएंगे तो समाज में सदभाव का माहौल बढ़ेगा।
विहिप के केंद्रीय मंत्री राधाकृष्ण मनोड़ी शुक्रवार शाम यहां पहुंचे। उन्होंने राधिका गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गीता एक ऐसा धर्मग्रंथ है जो समाज को जोड़ने के साथ कर्म को भी सर्वोच्च मानता है। गीता पढ़ने वाला समाज को नई दिशा प्रदान करने का कार्य करता है। वह इसे लेकर विदेश में भी पहल कर चुके हैं। गीता ज्ञान हरेक व्यक्ति को होना चाहिए। बोले- नई पीढ़ी को भी इसका बोध कराया जाना बहुत आवश्यक है। इसके लिए अध्यापकों को पहले धर्मग्रंथ गीता को पढ़ना चाहिए, फिर वह बच्चों को अच्छी तरह से बच्चों को गीता के बारे में समझा सकते हैं।
विश्व गीता संस्थान के संस्थापक मनोड़ी ने गीता प्रेस गोरखपुर की तारीफ की। कहा- गोरखपुर प्रेस ने प्रकाशन के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई है। देवबंद में एक मुस्लिम अध्यापक ने 70 से अधिक छात्रों को गीता का पाठ पढ़ाया है। मेरा ऐसा मानना है कि गीता पढ़ने से हृदय परिवर्तन होता है। महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को 45 मिनट तक उपदेश दिया। तभी अर्जुन धर्म की रक्षा को युद्ध कर पाए थे। बोले- उनका हर घर गीता का संकल्प भी पूरा होगा। उन्होंने गंगा, गाय और गायत्री की रक्षा पर जोर दिया।
विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों ने विहिप के केंद्रीय मंत्री राधाकृष्ण मनोड़ी, अंतरराष्ट्रीय कवियत्री मेरठ निवासी तुषा शर्मा और आरएसएस के पूर्व पदाधिकारी राजीव माहेश्वरी का राधाकृष्ण का पटका पहना कर अभिनंदन किया। इस मौके पर डॉ. ब्रजेंद्र वार्ष्णेय, कमलेश वार्ष्णेय, किशनचंद शर्मा, सचिन अग्रवाल, संतोष गुप्ता, राकेश बाबू वाल्मीकि, मोहित प्रभाकर आदि मौजूद थे।