Pilibhit News: जिले में 20 हजार कन्याओं को मिला सुमंगला योजना का लाभ
पीलीभीत। कन्या के जन्म के प्रति लोगों का धारणा बदले और जन्म के बाद बेटियों का पालन-पोषण और शिक्षा ठीक से हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने कन्या सुमंगला योजना शुरू की है। जिले में अब तक 27 हजार कन्याओं के आवेदन आए हैं। इनमें से 20 हजार को योजना का लाभ मिल चुका है। हर महीने 500 कन्याओं को लाभ देने का लक्ष्य है।
जन्म से लेकर स्नातक शिक्षा तक बालिकाओं को सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने वर्ष 2019 में शुभारंभ किया था। योजना का छह चरणों में कन्याओं को लाभ दिया जाता है। हर माह समीक्षा कर जिलों को लक्ष्य इसका लक्ष्य दिया जाता है। ताकि शत प्रतिशत पात्रों को लाभ मिल सके।
जिले में योजना शुरू होने के बाद करीब 27 हजार लोगों ने अलग-अलग चरणों के लिए आवेदन किया था। इसमें अभी तक 20 हजार कन्याओं को लाभ मिल चुका है। करीब 570 आवेदन तहसील स्तर पर सत्यापन में लटके हैं। सत्यापन के बाद उनको योजना का लाभ मिलेगा।
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इस तरह मिलता है योजना का लाभ
कन्या सुमंगला योजना के तहत छह चरणों में लाभ दिया जाता है। इसमें पहले चरण में बालिका का जन्म होने पर पंजीकरण कराने पर दो हजार रुपये, दूसरा चरण टीकाकरण पूरा करने पर पंजीकरण होने पर एक हजार रुपये। कक्षा एक में प्रवेश लेने पर स्कूल के प्रधानाचार्य का प्रमाणपत्र, प्रवेश का कार्ड लगाकर पंजीकरण कराने पर दो हजार रुपये। कक्षा छह में प्रवेश लेने पर दो हजार, कक्षा नौ में प्रवेश पर तीन हजार रुपये दिए जाते हैं। कक्षा 12 के बाद स्नातक या फिर डिग्री कोर्स करने पर पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। पूरी योजना के तहत 15 हजार रुपये दिए जाते हैं।
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ये हैं पात्रता के मानक
कन्या सुमंगला योजना के तहत शासन ने मानक भी तय किए हैं। एक परिवार में दो बच्चे ही मान्य हैं। यदि दोनों बालिका हैं तो उनको लाभ मिलेगा। परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये होनी चाहिए। ऐसे में कभी बीच में किसी चरण के दौरान मानक पूरे न होने पर उस कन्या को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। मतलब यदि दो बच्चों के परिवार में तीन बच्चे हो जाएं।
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योजना शुरू होने से अभी तक जिले में 20 हजार लोगों को लाभ मिल चुका है। 570 आवेदन लंबित हैं। इनका सत्यापन हो रहा है। हर माह जिले में पांच सौ कन्याओं को लाभ देने का शासन का लक्ष्य है। इसके लिए प्रचार प्रसार किया जाता है। – प्रगति गुप्ता, जिला प्रोबेशन अधिकारी