Pilibhit News: आयुर्वेदिक कॉलेज की ओपीडी में भी रोज पहुंच रहे 700 मरीज

ललित हरि राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में पर्चा बनवाने के लिए लगी लाइन । संवाद
पीलीभीत। राजकीय मेडिकल कॉलेज ही नहीं आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सुबह अस्पताल की ओपीडी खुलते ही पर्चा काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लग जाती है, जो काउंटर बंद होने तक लगी रहती है। आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में बुखार, खांसी, जुखाम, दस्त आदि के सबसे ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। यहां भी रोजाना करीब 150 मरीजों की जांच की जा रही है।
मौसम में परिवर्तन होने के बाद जिले में बुखार, खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। जिले में शायद ही कोई घर होगा, जहां मरीज न हों। एलोपैथिक दवाइयां चूंकि जल्दी फायदा करती हैं, ऐसे में लोग मेडिकल कॉलेज की ओर भागते हैं, लेकिन अब लोगों का आयुर्वेद दवाओं पर भी भरोसा बढ़ रहा है। यही वजह है कि मेडिकल कॉलेज की तरह आयुर्वेदिक कॉलेज में भी मरीजों की खासी भीड़ है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 1500 के आसपास मरीज पहुंच रहे हैं, तो आयुर्वेदिक कॉलेज में भी 600-700 मरीज रोज पहुंच रहे हैं। इनमें करीब डेढ सौ मरीजों की जांच हो रही है।
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बुखार में ये दवाएं आ रहीं काम
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. आकाश गुप्ता ने बताया मौजूदा समय में बुखार तेजी से फैल रहा है, इसमें आयुर्वेद की कई दवाइयां बहुत अच्छा काम कर रही हैं। इनमें शंशवान बटी, संजीवन बटी, त्रिभुवन क्रीति रस, सुदर्शन चूर्ण, चिरायता चूर्ण, आयुष-64 टेबलेट, अमृता सीरप आदि हैं। इनके इस्तेमाल से चार-पांच दिनों में ही मरीज ठीक हो जाते हैं।
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पहले पर्चा, फिर दवा के लिए लगानी होती है लाइन
आयुर्वेदिक कॉलेज में दवा लेने आए रामसागर ने बताया कि पहले वह मेडिकल कॉलेज में दवा लेने गए थे, वहां ज्यादा भीड़ देख यहां आ गए, लेकिन यहां भी काफी भीड़ है। सुबह जैसे-तैसे पर्चा बनवा लिया। फिर डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा लेने के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ा। वहीं संतोषी ने कहा कि वह पहले से बीमार हैं, ऊपर से लाइन में लगना और बीमार बना रहा है।

ललित हरि राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में पर्चा बनवाने के लिए लगी लाइन । संवाद