Pilibhit News: शपथ के बाद वादों की कसौटी पर खरा उतरने की बारी
पीलीभीत। नगर पालिका परिषद की नवनिर्वाचित अध्यक्ष आस्था अग्रवाल के सामने शहर की कई समस्याएं चुनौती के रूप में सामने खड़ी हैं। शहर में अतिक्रमण, शुद्ध पानी, कूड़ा और जलभराव की समस्या हो या फिर बरसात से पहले नालों को साफ कराना। जनता के प्रति अब नई पालिकाध्यक्ष की जवाबदेही होगी। इनसे निपटने के लिए चुनाव के दौरान आस्था अग्रवाल ने तमाम दावे किए थे। अब देखन यह होगा कि ये दावे कसौटी पर कितना खरा उतरते हैं।
बजट लग गया ठिकाने, चोक पड़े हैं नाले
शहर के बड़े नालों की सफाई के लिए खासा बजट खर्च किया जाता है। इसके बावजूद भी नालों की सफाई में खानापूर्ति हो रही है। इस वजह से हल्की बारिश में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। शहर के मोहल्ला नखाशा और अन्य स्थानों पर नालों की सफाई नहीं हो पा रही है। बरसात से पहले नाला साफ कराना पालिकाध्यक्ष के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। जिससे शहर में जलभराव न हो सके।
सड़कों पर दोपहर बाद तक पड़ा रहता है कूड़ा
शहर में साफ-सफाई के दावे भी धरातल पर खोखले दिखाई पड़ते हैं। सफाई कर्मचारी होने के बाद भी समय से कूड़ा नहीं उठ पाता है। इसके चलते हर गली मोहल्ले में दोपहर बाद तक कूड़ा पड़ा नजर आता है। यही नहीं पालिका के डलावघरों में भी कूड़े के ढेर बने रहते हैं। जिससे वहां पर छुट्टा पशु घूमते रहते हैं।
सड़कें भी खोद दी पर नहीं मिला पानी
अमृत योजना के तहत शहर की सभी सड़कों को खोदकर डाल दिया गया था, ताकि पाइपलाइन डाली जा सके। पाइपलाइन पड़ने के बाद भी जहां लोगों को शुद्ध जल नहीं मिल पा रहा है तो वहीं खुदी सड़कें लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। इसको लेकर शिकायतों का दौर भी चला लेकिन संबंधित विभाग के अफसरों ने खानापूर्ति करते हुए मामले को दबा दिया। नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष को शहर के लोगों के लिए शुद्ध पेयजल व्यवस्था कराना होगी।
खराब पड़े हैं वाटरकूलर
शहर में गर्मी के समय ठंडा पानी की समस्या गहरा जाती है। कहने को तो पालिका की ओर से पूरे शहर में करीब दर्जन भर स्थानों पर वाटर कूलरों को लगवाया गया है। मौजूदा समय में हाल यह है कि किसी की टोटी गायब है तो कहीं पर टैंक टूटा हुआ है। बीते कई माह से वह खराब पड़े हुए हैं। ऐसे में बाजार आने वालों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है।
कसौटी पर वादों के खरा उतरने का जनता को इंतजार
शपथ ग्रहण के बाद नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष आस्था अग्रवाल का कार्यकाल भी शुरू हो जाएगा। चुनाव के दौरान शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने व नगर को चमकाने का वादा किया था। आने वाले दिनों में इन्हीं दावों के कसौटी पर उतरने का शहरवासियों को इंतजार रहेगा। इसके अलावा शुद्ध पेयजल व्यवस्था कराने का दावा किया था। अमृत योजना घोटाले की भेंट चढ़ गई। नई पालिकाध्यक्ष शुद्ध पेयजल व्यवस्था के लिए क्या करती है, देखना होगा। पालिकाध्यक्ष के सामने अपने ही वादों को पूरा करने किसी चुनौती से कम नहीं होगा।