Pilibhit News: कलक्ट्रेट पर गरजे भाकियू कार्यकर्ता

फोटो 3 एसडीएम को ज्ञापन देते भाकियू पदाधिकारी। संवाद
– जुलूस निकाला, किसानों की समस्याओं को उठाया, ज्ञापन भी सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। फसल बर्बादी का मुआवजा, सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति और अन्य समस्याओं को लेकर भाकियू ने जुलूूस निकालकर कलक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी की। इसके बाद परिसर में ही पंचायत कर आवाज को बुलंद किया। साथ ही डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक की ओर से किसानों की समस्याओं को लेकर लगातार ज्ञापन दिए जा रहे हैं। शनिवार को कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट परिसर में किसानों की समस्याओं को लेकर डीएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। इसके बाद वहीं पर पंचायत की गई।
पंचायत में ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा की और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी सदर को दिया गया। ज्ञापन में कहा गया है ओलावृष्टि एवं बारिश में किसानों की गेहूं की फसल को भारी क्षति हुई थी, जिला प्रशासन ने फसलों का सर्वे कराया, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं दिया है। मामले की तत्काल जांच कराकर घोषित मुआवजा दिलाने की मांग की गई।
किसानों का कहना था कि धान रोपाई के दौरान पानी की अधिक जरूरत होती है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिस कारण पानी भी नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा यूरिया के साथ ही प्राइवेट दुकानों पर किसानों को अन्य सामान देने का मुद्दा भी उठाया गया।
किसानों का कहना था कि कलीनगर तहसील के राजस्व ग्राम सिमरा तालुके महाराजपुर में सीलिंग की भूमि पर भू माफिया का कब्जा है। उक्त भूमि को तत्काल भूमाफिया के कब्जे से छुड़ाया जाए। तहसीलों में तैनात उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, तहसील मुख्यालय पर न ठहर कर जिला मुख्यालय पर निवास करते हैं, ऐसे में फरियादियों को परेशानी होती है। ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा छुट्टा पशुओं को गोआश्रय भिजवाने। गन्ना किसानों का बकाया भुगतान तत्काल दिलवाने और पीलीभीत से पूरनपुर रेल मार्ग के बीच में नहर के पास रेलवे क्राॅसिंग को बंद न करने की मांग भी की गई। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार बलवीर सिंह, विक्रमजीत सिंह, अरविंद यादव, दिनेश कुमार सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।

फोटो 3 एसडीएम को ज्ञापन देते भाकियू पदाधिकारी। संवाद

