Pilibhit News: केबल बॉक्स फटने से 60 गांवों की आपूर्ति ठप
पूरनपुर। केबल बॉक्स फटने से घुंघचाई विद्युत के 60 गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। ठप बिजली आपूर्ति को दूसरे दिेन भी सुचारु नहीं किया जा सका। वहीं, नगर के तीन ट्रांसफार्मर फुंकने से 300 घरों, प्रतिष्ठानों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। गांव नवदिया नदी किनारे झुकना में 100 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंकने से ग्रामीण परेशान रहे। 11 हजार केवीए लाइन का डिस्क इंसुलेटर खराब होने से गांव महादिया और आसपास क्षेत्र की बिजली आपूर्ति घंटों ठप रही।
घुंघचाई विद्युत उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति शनिवार आधी रात को 132 केवीए का केबल बक्सा फटने से ठप हो गई। घुंघचाई विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 60 गांव की बिजली आपूर्ति रविवार शाम तक सुचारु नहीं हो सकी। घुंघचाई के जेई मनोज शर्मा ने बताया कि लगातार दो बार केबल बक्सा में खराबी से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हुई है। जिसे सुचारु कराया जा रहा है।
नगर में शनिवार शाम से बिजली आपूर्ति लडख़ड़ा गई। आधी रात को मोहल्ला बमनपुरी में पंचमदास इंटर कॉलेज के समीप रखा 100 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंकने से मोहल्ला बमनपुरी के करीब सौ उपभोक्ताओं की बिजली चली गई। एसडीओ बिजली कार्यालय के समीप रखा 100 केवीए का ट्रांसफार्मर शनिवार शाम आठ बजे फुंकने से पंजाबी काॅलोनी व मोहल्ला रजागंज के कुछ हिस्से के उपभोक्ताओं की आपूर्ति ठप हो गई।
लाइनपार मोहल्ले में रेलवे स्टेशन के सामने रखे 100 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंकने से स्टेशन के सामने के करीब 100 घरों की बिजली आपूर्ति रात में ठप हो गई। इसके अलावा गांव नवदिया नदी किनारे झुकना में रखा ट्रांसफार्मर फुंकने से आसपास के फार्मरों के घरों की बिजली आपूर्ति ठप हुई। बिजली आपूर्ति न मिलने से मोटरें न चलने पर कई जगह खेतों में पानी न भरने पर धान की रोपाई रुक गई। चारों ट्रांसफार्मरों को रविवार चार बजे तक नहीं बदला जा सका। असम हाईवे पर एक ढावा के पास 11 हजार केवीए लाइन का डिस्क इंसुलेटर खराब होने से गांव महादिया और आसपास क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप रही।
पानी में घुस कर निकलते है उपभोक्ता, कर्मचारी
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पूरनपुर। हल्की बारिश में बिजली घर के अंदर रास्ते पर जलभराव हो जाता है। शिकायत दर्ज कराने से लेकर अन्य कामों से पहुंचने वाले उपभोक्ताओं और कर्मचारियों को उपकेंद्र तक पहुंचनेे को पानी में होकर निकलना पड़ता है। अक्सर फिसलने से लोगों और बाइक सवारों के गिरने की घटनाएं होती है। रास्ते में जलभराव होने की समस्या पांच-छह साल पुरानी है। इससे निजात न मिलने से उपभोक्ताओं में रोष है।



