पीलीभीत

Pilibhit News: रात में हंगामा, सुबह पत्नी ने लिखकर दिया-वह कोई कार्रवाई नहीं चाहती

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Commotion at night, wife wrote in the morning - she does not want any action

पहाडगंज में रोते बिलखते परिजन। संवाद

पुलिस हिरासत में मौत : लगाना पड़ा कई थानों का फोर्स व पीएसी

– शनिवार सुबह पुलिस की मौजूदगी में सुपुर्द-ए-खाक किया गया शव

संवाद न्यूज एजेंसी

पीलीभीत। हिस्ट्रीशीटर की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में शुक्रवार देर रात शव घर पहुंचने पर परिजन ने जमकर हंगामा किया। परिजन पुलिस कर्मियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने शव को सुपुर्द-ए-खाक करने से भी मना कर दिया। हंगामा होते देख बिलसंडा में पीएसी समेत कई थानों का पुलिस फोर्स लगाना पड़ा लेकिन सुबह होते-होते तस्वीर बदल गई। मृतक की पत्नी ने लिखकर दे दिया कि वह पुलिस कर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं चाहती। इसके बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।

बिलसंडा क्षेत्र के गांव पहाड़गंज निवासी वशी खां को चोरी के मामले में बरखेड़ा पुलिस उसके घर से ले गई थी। देर रात उसकी मौत हो गई। इसके बाद पत्नी मीर उर्फ शबाना ने पुलिस कर्मियों पर पति की हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। वहीं पुलिस का कहना था कि रात में वशी की तबीयत खराब हुई।

जिसके बाद उसे बरखेड़ा सीएचसी ले जाया गया। यहां से जिला अस्पताल लाया गया, जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। देर शाम पोस्टमार्टम के दौरान हार्ट अटैक से मौत होने की बात सामने आई।

शुक्रवार की रात लगभग नौ बजे के आसपास युवक का शव उसके गांव बिलसंडा के पहाड़गंज पहुंचा। परिजनों ने शव को दफनाने से इन्कार कर दिया। परिजन दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमे की मांग कर रहे थे। आक्रोश को देखते हुई कई थानों की पुलिस, पीएसी गांव में तैनात कर दी गई।

रात नौ बजे से चला हंगामा तड़के तीन बजे तक चलता रहा। परिजन व पुलिसकर्मियों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद वशी के परिजन मान गए। वशी की पत्नी मीर उर्फ शबाना ने लिखकर दिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहती। जिसके बाद शनिवार को दिन में साढ़े ग्यारह बजे के करीब शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।

चर्चा में है वशी की पत्नी का पत्र

वशी की पत्नी मीत बेगम उर्फ शबाना ने जो पत्र लिखा है उसमें पति को आपराधिक प्रवृति का बताते हुए कहा कि उसने खुद बरखेड़ा थाने की पुलिस से शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस जब गांव में पहुंची तो वशी ने छूटने का प्रयास किया। जिस कारण वशी के शरीर पर चोट आ गई। मीर ने यहां तक लिखकर दे दिया कि वशी की मौत में पुलिस वालों का कोई दोष नहीं है। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली।


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