Pilibhit News: सांस के रोगियों लिए धूल और धुआं बन सकता है जानलेवा
चिकित्सकों ने कहा- घर से निकलें तो मास्क अवश्य लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। विश्व पर्यावरण दिवस सोमवार को है। पेड़ों के लगातार कटान और वायु प्रदूषण का सीधा प्रभाव लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। ऐसे में धूल और वाहनों से निकल रहा धुआं सांस के रोगियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में चिकित्सकों का कहना है कि जब भी घर से निकलें तो मास्क अवश्य लगाएं।
पेड़ों के लगातार कटान और वाहनों की संख्या बढ़ने से वातावरण में भी धूल और धुएं का स्तर बढ़ा है। धूल और धुआं श्वांस रोगियों को ज्यादा परेशान करता है। दोनों ही शरीर में प्रवेश कर श्वांस नली पर सबसे ज्यादा असर डालते हैं, लेकिन कुछ सावधानी बरत कर और मास्क का प्रयोग कर धूल और धुएं से बचा जा सकता है।
जिला अस्पताल में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ी
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि प्रतिदिन 40-50 मरीज ऐसे आते हैं जो सांस के रोग से पीड़ित होते हैं। इन्हें दवाएं तो दी जाती हैं, लेकिन इसके साथ मास्क लगाने की सलाह भी दी जाती है। ताकि वायु प्रदूषण से स्वयं को सुरक्षित रखा जा सके।
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ये बीमारियों हों तो रहें सावधान
दमा, खांसी, एनीमिया, एलर्जी, टीबी
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वायु प्रदूषण किसी के लिए भी घातक है, पर सांस के रोगियों के लिए यह जानलेवा भी हो सकता है। ऐसे में मास्क लगाकर काफी हद तक इससे बचाव किया जा सकता है। अगर इसके बाद भी स्थिति बिगड़े तो चिकित्सीय सलाह लेने से बिल्कुल भी कोताही न बरतें।
– डॉ राजेश, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, महिला अस्पताल