Pilibhit News: दिल्ली तक पहुंची धरना-प्रदर्शन की गूंज, फिर भी समाधान नहीं

गांव चंदिया हजारा में क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठी महिलाएं ।
पूरनपुर। बाढ़, कटान से बचाव के लिए चेनेलाइजेशन कराने की मांग को लेकर गांव चंदिया हजारा में 56 दिन से चल रही क्रमिक भूख हड़ताल की गूंज दिल्ली है। सांसद व जिलाध्यक्ष धरनास्थल पर पहुंचे। दिल्ली में वन मंत्रालय में जाकर ज्ञापन दिया, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका। लिहाजा चंदिया हजारा में 56वें दिन भी धरना-प्रदर्शन व भूख हड़ताल जारी रही।
शारदा नदी पिछले कई सालों से बरसात में बाढ़ के दौरान गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर, कॉलोनी नंबर छह में तबाही मचा रही है। इस बार भी दो महीने तक नदी ने जमकर तबाही मचाई। किसानों की करीब 200 एकड़ जमीन पर खड़ी फसलें नदी में समा गईं। गांव से नदी का बहाव दूर कराने के लिए नदी की खोदाई (चेनेलाइजेशन) की मांग क्षेत्र के लोग चार साल से करते आ रहे हैं। 11 सितंबर को चंदिया हजारा के खेल मैदान पर बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया। 56 दिन से गांव के लोग क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। धरना स्थल पर सांसद वरुण गांधी, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री डॉ. विनोद तिवारी, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री बलराज पासी के अलावा एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला, तहसीलदार हबीब उर रहमान अंसारी आदि ने पहुंचकर समाधान कराने का आश्वासन दिया।
प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल 12 अक्तूबर को दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण एवं वन सचिव नीरारंजन से मिला। उन्होंने भी उनकी समस्या सुनी। प्रदर्शनकारियों को हर जगह से मात्र आश्वासन ही मिला है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक साल पहले भी आश्वासन देकर उन लोगों का धरना प्रदर्शन समाप्त करा दिया था, लेकिन इस बार समाधान न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन की बागडोर अब महिलाओं के हाथ
चंदिया हजारा में चल रही क्रमिक भूख हड़ताल की बागडोर अब महिलाओं के हाथों सौंपी गई है। धरने का संचालन महिलाएं करेंगी और पहुंचने वाले अफसरों से वार्ता भी महिलाएं ही करेंगी। इसके लिए महिलाओं का संगठन बनाया गया है। संगठन की अध्यक्ष सुचित्रा विश्वास, सचिव माधुरी सरकार, कोषाध्यक्ष मलिना मंडल ने कहा कि भाजपा सरकार क्षेत्र को समस्याओं से निजात दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।



