Pilibhit News: डॉक्टरों की हड़ताल का असर, मेडिकल कॉलेज में घटी मरीजों की संख्या

मेडिकल कॉलेज में फिजिशियन कक्ष में लगी भीड़ । संवाद
पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की हड़ताल भले ही कुछ घंटे की रही हो, लेकिन उसका असर अगले दिन भी देखने को मिला। अन्य दिनों की अपेक्षा बुधवार को काफी कम मरीज ही दवा लेने पहुंचे। वैसे तो रोजाना 1500 से 1600 तक मरीज पहुंचते हैं, लेकिन बुधवार को 1300 के करीब मरीज पहुंचे।
जिले में वायरल फीवर का कहर जारी है। शायद ही कोई ऐसा घर हो जहां कोई बीमार न हो। सरकारी अस्पताल तो मरीजों से भरें हैं, साथ ही निजी अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। वायरल फीवर की चपेट में बुजुर्ग और बच्चों की संख्या तो अधिक है ही साथ ही अब युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। अधिकांश युवा अपने आप को फिट मानते हैं, उन्हें लगता हैं कि वायरल फीवर उन पर जल्द असर नहीं करेंगा। ऐसी लापरवाही बरतने वाले अधिकांश युवा वायरल फीवर की चपेट में आ आते हैं। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरके सागर ने बताया कि जिनके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, वह जल्दी ही वायरल फीवर की चपेट में आ जाते हैं। वह चाहे युवा हो या फिर बुजुर्ग ठीक होने में सात से 10 दिन लग जाते हैं।
खून की जांच ने तोड़ा रिकॉर्ड, 323 मरीज पहुंचे
मेडिकल कॉलेज में खून की जांच भी होती है। वैसे तो प्रत्येक दिन 200 से 250 मरीजों तक की खून की जांच होती है, लेकिन बुधवार को अब तक का रिकॉर्ड टूट गया। बुधवार को 323 मरीजों ने खून की जांच कराई, जो अभी तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है।
चार और डेंगू पॉजिटिव, कुल 135 हुए मरीज
जिले में चार और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। बुधवार को जिलेभर में कुल 127 लोगों की जांचें की गई हैं, जिसमें चार लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिले में कुल अब तक 135 लोगों में डेंगू की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग कर चुका है।