पीलीभीत

Pilibhit News: हरियाणा और पंजाब भेजा जा रहा तराई का चावल

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Terai rice being sent to Haryana and Punjab

बलजीत सिह ।

पूरनपुर। धान खरीद शुरू हो चुकी है, लेकिन सरकारी खरीद केंद्रों पर किसान नाममात्र को पहुंच रहे हैं। वहीं राइस मिलों पर सुबह होते ही धान भरे वाहनों की लाइन लगनी शुरू हो जाती है। अधिकांश राइस मिलर और व्यापारी 1750 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीद रहे हैं। बी ग्रेड के चावल का दाम बाजार में 2850 रुपये प्रति क्विंटल है। ऐसे में राइस मिलर चावल हरियाणा और पंजाब भेज रहे हैं।

धान का घोषित मूल्य 2183 और ग्रेड ए के धान का रेट 2203 है। बाजार में धान के दाम उछाल पर होने के कारण किसान खरीद केंद्रों पर नाममात्र ही पहुंच रहे हैं। वहीं राइस मिलों के बाहर सुबह होते ही धान से भरे वाहनों की लंबी लाइनें लग रहीं हैं। वजह, खरीद केंद्रों पर पहुंचने वाले किसानों को मानक के अनुरूप धान न होना बताकर सुखाने, साफ कराने आदि की बात कहकर परेशान किया जाना है।

यही कारण है कि किसान खेतों से धान काटकर सीधे राइस मिलर और व्यापारियों को बेचकर रुपये भी ले जा रहा है। किसानों का कहना है कि खेतों से धान काटने के बाद कितना भी सूखा हो एक क्विंटल में १० किलोग्राम गीला निकल ही जाता है। धान सुखाने आदि की समस्या से बचने के लिए सीधे राइस मिलर को बिक्री कर रहे हैं। एक क्विंटल धान में ६५ किलोग्राम चावल निकलता है। इसके बाद पॉलिस दो हजार रुपये और भूसी पांच सौ रुपये क्विंटल तक बिक रही है। ऐसे में राइस मिलर और व्यापारी तेजी से धान खरीद कर चावल बनाकर पंजाब और हरियाणा भेज रहे हैं।

सरकारी खरीद में चढ़वाकर मोटे मुनाफे के चक्कर में खरीदा जा रहा धान

कुछ राइस मिलर और धान माफिया धान को गीला, टूटन अधिक होने का किसानों को हवाला देकर औने-पौने दामों में धान की खरीद कर रहे हैं। ताकि औने पौने दामों में खरीदे गए धान को सरकारी खरीद में दर्शाकर मोटा मुनाफा कमाया जा सके।

क्षेत्र के करीब सभी धान खरीद केंद्रों पर खरीद शुरू करा दी गई है। धान गीला होने को लेकर अभी किसानों की भीड़ खरीद केंद्रों पर नहीं लग रही है। -लाल प्रताप सिंह, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी पूरनपुर

तमाम झंझट हैं सरकारी केंद्रों पर धान ले जाने में

खरीद केंद्रों पर धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराने, सत्यापन कराने सहित कई समस्याएं हैं। इसके बाद अन्य मदों में भी रुपये फंसाने पड़ते हैं। झंझटों से बचने के लिए 1750 रुपये में धान की बिक्री कर दी। -बलजीत सिंह, गदियाना

पिछले साल मोटा धान बोया था। उसमें लाल बाली की बीमारी आ गई थी। इस बार बार महीन धान लगाया है। खरीद केंद्र पर महीन धान लेने से मना कर दिया गया। झंझटों से बचने के लिए धान राइस मिलर को 1700 रुपये क्विंटल में बिक्री किया है। – सर्वजीत सिंह, कढेरचौरा।

सरकारी धान खरीद केंद्रों पर आम किसान का धान नहीं खरीदा जाता है। धान खरीद केंद्र पर धान बिक्री करना झंझटों से जूझना है। तमाम झंझटों की वजह से नगद में 1710 में बेच दिया। – रामअवतार, प्रसादपुर

धान सेंटरों पर धान में तमाम तरह की कमियां निकालकर धान फेल कर देते हैं। मजबूरन धान को घोषित मूल्य से पांच सौ रुपये कम में नकद में बिक्री कर दिया। -सोहन लाल, प्रसादपुर

खरीद केंद्रों पर धान लेकर पहुंचने पर पंखा लगाकर सुखाओं, छनाई कराओ। इसके बाद दो-तीन दिन इंतजार करना पड़ता है। मजबूरी में राइस मिलर को धान की बिक्री कर दी। -देवेंद्र सिंह, बारी बुझिया

बलजीत सिह ।

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