Pilibhit News: हाथियों ने तीसरी रात भी रौंदी व खाई गन्ना-धान की फसल

खराब और खाई गई फसल को देखते किसान व वनकर्मी । स्रोत – वन विभाग कर्मी
पूरनपुर। मैलानी जंगल लौटे हाथियों ने शनिवार की रात फिर जंगल से निकलकर सेहरामऊ थाना क्षेत्र में जंगल से पास गांव केसरियापुर गोविंदपुर के किसानों के खेतों में खूब धमाचौकड़ी की। छह किसनों के गन्ने और धान के खेतों में घुसकर फसल खाई और काफी फसल रौंद दी। रात को ही हाथी फिर मैलानी जंगल में लौट गए। लगातार तीन दिन से रात को क्षेत्र में हाथियों के आने से किसानों में खलबली मची हुई है। हाथियों को जंगल में न खदेड़े जाने पर रोष है।
बृहस्पतिवार की रात हाथियों ने गांव पिपरा मुजप्ता निवासी छंगा लाल, रमेश गेंदनलाले, राजू और मनोहर के खेतों में घुसकर गन्ना खाया और नुकसान किया था। रमेश के खेत में और समीप के जिंदबाबा स्थल पर लगे हैंड पंप को तोड़ डाले थे। हाथी रात को ही मैलानी जंगल में लौट गए थे।
शुक्रवार रात मैलानी जंगल से आए हाथियों ने गांव पिपरा निवासी श्रीपाल भार्गव, उसके भाई रामपाल, गांव के डालचंद, रावेंद्र, लालाराम के धान और गन्ना के खेत में घुसकर फसल खाई और रौंदी। एक खेत में पड़ी झोंपड़ी को तहस नहस कर दिया। खेत में रखे पंपिंग सेट के इंजन को पलट दिया। हाथी फिर रात को मैलानी जंगल में चले गए थे।
शनिवार को हाथी गांव केसरियापुर गोविंदपुर के समीप खेतों मेंं पहुंचे। हाथियों ने गांव निवासी जसवीर, अरविंद, सुरेश, कमलेश, रामदयाल, अमरनाथ के गन्ना और धान के खेतों में पहुंचकर फसल खाई और रौंदी। हाथी फिर मैलानी जंगल में चले गए। मैलानी रेंज के वन दरोगा राजाराम ने बताया कि हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है।
हाथी रात को जंगल से निकलकर खेतों में पहुंचकर फसल खाने के बाद फिर जंगल में लौट जाते है। हाथियों के आने से आसपास के लोगों को सतर्क रहने, सफेद और पीले रंग की शर्ट पहनकर खेतों में रात को न जाने की सलाह दी गई है।

खराब और खाई गई फसल को देखते किसान व वनकर्मी । स्रोत – वन विभाग कर्मी