Pilibhit News: तहसील में गरजे किसान, बाघों से सुरक्षा के इंतजाम हों

नायब तहसीलदार को ज्ञापन देते अखिल भारतीय किसान महासभा के पदाधिकारी । स्रोत – महासभा
कलीनगर। जंगल से बाहर बाघों की लगातार मौजूदगी से बढ़ रही दहशत को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा की ओर से तहसील परिसर में धरना दिया गया। नारेबाजी करने के बाद कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अक्षय यादव को सौंपा। जिसमें बाघों से सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की गई।
महासभा के प्रदेश सह सचिव अफरोज आलम व देवाशीष ने ज्ञापन देकर कहा कि पीलीभीत के जंगल को जल्दबाजी और किसानों की सुरक्षा के उपाय किए बगैर ही टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया है।
वक्ताओं ने कहा कि जंगल जानवरों के लिए कम पड़ रहा है, जिससे वे बाहर आ रहे हैं। यही कारण है कि इंसानों पर बाघ के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव जमुनियां व रानीगंज में बीते दो-तीन माह में बाघ तीन लोगों को मार भी चुका है।
इसके अलावा पिपरिया संतोष, डगा, सुखदासपुर समेत करीब छह से ज्यादा गांवों में बाघों की लगातार मौजूदगी देखी जा रही है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि बाघ की चहलकदमी के कारण किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। वन्यजीवों को रोकने में वन विभाग व जिला प्रशासन कोई इंतजाम नहीं कर रहा है।
महासभा कार्यकर्ताओं ने जंगल सीमा पर तार फेंसिंग के साथ आबादी के निकट घूम रहे बाघों को पकड़ने की मांग की। साथ ही बाघ के हमले में मरने वालों के परिजनों को दस लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई।