Pilibhit News: प्रधान के हस्ताक्षर बिना 15 लाख का भुगतान करने की जांच शुरू
पीलीभीत। पूरनपुर ब्लॉक के गांव शेरपुरकलां में बिना प्रधान के हस्ताक्षर के खाते से 15 लाख रुपये निकाल लेने के मामले की जांच शुरू हो गई है। सीडीओ ने डीआरडीए के अवर अभियंता को जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। इधर, सीडीओ के भुगतान की फाइल मांगने पर सचिव ने 15 दिन का वक्त मांगा है। सीडीओ ने नोटिस जारी कर तत्काल फाइल देने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम पंचायत शेरपुरकलां के सदस्य जुनैद खान और हशमुद्दीन ने जिलाधिकारी को पत्र देकर ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर बिना प्रधान के हस्ताक्षर के करीब 15 लाख रुपये निकाले जाने की शिकायत की थी। डीएम ने सीडीओ को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा। ग्राम पंचायत के तत्कालीन सचिव रिजवान से सीडीओ ने भुगतान संबंधी पत्रावली तलब की तो सचिव ने असमर्थता जताते हुए 15 दिन का समय मांगा।
इस पर सीडीओ ने सचिव से समय मांगने का कारण पूछते हुए उसे नोटिस जारी किया है। नोटिस में तत्काल प्रभाव से भुगतान किए गए सभी मदों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया बिना पत्रावली तैयार किए भुगतान संभव नहीं है। ऐसे में पत्रावली का तत्काल न देना शक के दायरे में आता है। इसी को देखते हुए सचिव को नोटिस जारी किया गया है।
….
घपलेबाजी की अवर अभियंता को सौंपी जांच
ग्राम पंचायत शेरपुरकलां की प्रधान अंजुम बेगम की गैरमौजूदगी में खाते से अलग-अलग मदों में 15 लाख रुपये निकालने के मामले की सीडीओ ने डीआरडीए के अवर अभियंता विष्णु कुमार को जांच सौंप दी है। उन्हें तीन दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
सचिव को एक दिन पहले ही हटा दिया गया
शेरपुरकलां के सचिव रिजवान को बिना प्रधान के हस्ताक्षर के खाते से 15 लाख रुपये निकालने का आरोप लगने के बाद जिला अधिकारी के अनुमोदन पर उन्हें पंचायत से हटा दिया गया। शेरपुरकलां ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी दूसरे सचिव को दे दी गई है। ऐसे में नए सचिव के सामने भी चार्ज लेने को लेकर समस्याएं हैं।