पीलीभीत

Pilibhit News: धनतेरस पर बाजार गुलजार, खूब हुआ व्यापार

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पीलीभीत। इस बार धनतेरस पर बाजार में जमकर धनवर्षा हुई। शुक्रवार देर रात तक बाजार गुलजार रहा। बर्तन, सराफा, इलेक्टि्रक आदि के बाजार में भीड़ रही। लोगों ने श्रीलक्ष्मी-गणेश की मूर्ति व खील-खिलौने व दीये भी खरीदे। बंपर खरीदारी से व्यापारियों के चेहरे चमक उठे।

बाजार में कई दिन से त्योहार को लेकर खास तौर पर सजाया जा रहा था। बाजार में प्रतिष्ठानों को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। सराफा बाजार, स्टेशन रोड जगमगाता रहा। दोपहर करीब दो बजे के बाद बाजार में भीड़ बढ़ना शुरू हुई। शाम छह-सात बजे बाजार खचाखच भर गया। सड़कें भीड़ से पटी नजर आ रही थीं। स्टेशन रोड पर सुनगढ़ी थाने के आगे बैरियर लगाकर ई-रिक्शा का प्रवेश बंद करवा दिया गया था। बर्तन बाजार में सबसे ज्यादा भीड़ रही। वाहनों के शोरूम भी गुलजार रहे।

कोरोना के बाद पहली बार साेना-चांदी की बिक्री

इस बार सर्राफा बाजार में खासी रौनक रही। चांदी के सिक्कों की खूब खरीदारी रही। इसके अलावा इटेलियन, टर्की व दुबई की लाइट वेट वाले आभूषण भी खूब बिके। सराफा कारोबारियों के मुताबिक कई लोग तो पहले से ही ज्वेलरी पसंद कर रहे थे। धनतेरस दिन खरीदारी की। लोगों ने अष्टधातु व चांदी की लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां भी खरीदी। सराफा कारोबारियों की मानें तो कोरोना के बाद पहली बार बाजार में दम दिखा। करीब 30-35 करोड़ रुपये के आभूषणों की खरीद का अनुमान है।

बर्तन बाजार की खनक : चार करोड़ के बिके बर्तन

जेपी रोड पर बर्तनों की दुकानों पर दोपहर से ही भीड़ लगने लगी थी। लोगों ने अपने बजट के मुताबिक बर्तनों को खरीदारी की। बर्तनों की हर रेंज बाजार में उपलब्ध थी। सबसे कम रेंज में 250 रुपये में थाली, गिलास, चम्मच, कटोरी का सेट था। स्टील की बाल्टियां भी खूब बिकीं। क्रॉकरी की दुकान पर ब्रांडेड सिल्वर व स्टील टच बर्तनों की मांग भी ज्यादा रही। टनकपुर रोड पर सड़क की दोनों ओर दुकानें लगी थीं। गांव देहात से आने वाले लोगों ने यहां से खरीदारी की। शहर में करीब 500 से ज्यादा बर्तनों की दुकानें व क्रॉकरी केे शोरूम हैं। बर्तन व्यापारियों के मुताबिक इस बार जिलेभर में करीब करोड़ रुपये की बर्तनों की खरीदारी हुई।

इलेक्टि्रक बाजार : तीन करोड़ का सामान बिका

इलेक्टि्रक सामान के शोरूम में एलईडी व वाॅशिंग मशीन के साथ ही म्यूजिक सिस्टम की ज्यादा डिमांड रही। सहालग आने के कारण लोगों ने शादियों के लिए भी खरीदारी की। धनतेरस को देखते हुए व्यापारियों ने ग्राहकों को विशेष उपहार व छूट भी दी। जिले में छोटे-बड़े सब मिलाकर करीब 150 शोरूम हैं। इलेक्टि्रक सामान बेचने वाले व्यापारियों की मानें तो जिले में इस बार इलेक्टि्रक सामान की खरीद करीब तीन करोड़ के आस पास रही।

मिट्टी और धातु की लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां

बाजार में भगवान गणेश और लक्ष्मी का मूर्ति बाजार बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था। एक से एक बढ़कर सुंदर और आकर्षक मूर्तियां बाजार में उपलब्ध थीं। मिट्टी की मूर्तियों में सबसे ज्यादा लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां बिकी। 50 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक की मिट्टी की लक्ष्मी गणेश की मूर्ति बाजार में उपलब्ध थी। हालांकि कि 100 रुपये लेकर 250 रुपये तक की मूर्ति ज्यादा बिकी। इसके अलावा फाइबर व धातु की मूर्तियां भी बाजार में सजी हुई थीं।

खील-खिलौने की दुकानें भी सजीं

बाजार में पारंपरिक पूजन सामग्री की दुकानें भी लगी। दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश का पूजन होने के साथ ही खील और खिलौनों का भोग लगाया जाता है। धनतेरस वाल दिन ही लोग इसकी खरीदारी करना शुभ मानते हैं। इसके अलावा झाड़ू भी खूब बिकी। साथ ही सजावट का सामान महिलाओं ने खरीदा। दीये भी खरीदे गए।

गन्ने का बकाया मिलने और धान बिकने का बाजार पर दिखा असर

पीलीभीत। इस बार बाजार में उछाल यूं ही नहीं हुआ। पीलीभीत जिला कृषि प्रधान है। ऐसे में बाजार में दम तभी दिखता है, जब किसान की जेब में पैसे होते हैं। पिछले साल बेमौसम बारिश ने किसानों की धान की फसल बर्बाद कर दी थी। इस बार धान खुले बाजार में 1900 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। इससे किसान खुश है। साथ ही चीनी मिलों पर गन्ना किसानों के पिछले साल का बकाया करीब 93 करोड़ रुपये का भुगतान भी उनके खातों में हो गया है। इसलिए किसान ने त्योहार पर जेब ढीली की और जमकर खरीदारी भी की। सराफा व्यापारी सजल अग्रवाल बताते हैं कि कोरोना के बाद पहली बार बाजार में इतना दम दिख रहा है। अब बाजार वर्ष 2018 से पहले की तरह वाला दिख रहा है। कुछ व्यापारियों का यह भी कहना है कि दीपावली महीने के पहले पखवाडे में ही पड़ गई। अमूमन 6-7 तारीख तक लोगों को वेतन आ जाता है। इस बार लोगों के पास पर्याप्त धन था, इसलिए अच्छा बाजार रहा। संवाद


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