Pilibhit News: कलीनगर और अमरिया में सात साल बाद भी रजिस्ट्री कार्यालय नहीं

अमरिया तहसील का भवन ।
पीलीभीत। कलीनगर और अमरिया तहसील में सात साल बाद भी रजिस्ट्री कार्यालय नहीं खुल सका है। जमीन, मकान, खेत आदि की रजिस्ट्री कराने के लिए मजबूरन लोग 20 से 25 किमी चलकर मुख्यालय या पूरनपुर जाते हैं। इस दौरान रुपये लानेे और ले जाने में भी खतरा रहता है। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
वर्ष 2016 में अमरिया और कलीनगर को तहसील का दर्जा मिला था। इसके बाद वहां एसडीएम सहित तहसीलदार व अन्य कर्मचारी बैठने लगे थे। दोनों तहसील में सभी विभागों के कार्यालय भी खुल गए, लेकिन रजिस्ट्री कार्यालय आज तक नहीं खुला। क्षेत्र के लोगों ने कई बार सब रजिस्ट्री कार्यालय खोले जाने को लेकर आवाज उठाई। आज तक उनकी आवाज न तो प्रशासन तक पहुंची न ही शासन तक, जबकि नियम यह है कि तहसील स्थापित होते ही रजिस्ट्री कार्यालय खोला जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को रजिस्ट्री कराने के लिए तहसील क्षेत्र से बाहर न जाना पड़े। कलीनगर में 167 और अमरिया में 202 राजस्व गांव हैं। इन राजस्व गांव के लोगों को अगर रजिस्ट्री करानी होती है तो कलीनगर वाले पूरनपुर और अमरिया वाले मुख्यालय पीलीभीत जाते हैं।
खुद के भवन नहीं तो रजिस्ट्री कार्यालय कैसे खुले
दुर्भाग्य यह है कि पिछले सात सालों में न तो कलीनगर तहसील के पास खुद का भवन है और न ही अमरिया के पास। अमरिया का तहसील कार्यालय सिंचाई विभाग के भवन में संचालित है तो वहीं कलीनगर तहसील नगर पंचायत के कार्यालय में चल रही है। ऐसे में जब तहसीलों के पास खुद का भवन नहीं है तो भला रजिस्ट्री कार्यालय कैसे खुलेगा। यह लापरवाही शासनस्तर की है।
तहसील को बने कई साल बीत गए हैं, लेकिन जमीन संबंधी अहम काम आज भी नहीं हो रहे। रजिस्ट्री कार्यालय खुलने से समय और धन दोनों बचेगा। -सुखदीप सिंह लाडी, कलीनगर
तहसील तो बन गई, लेकिन व्यवस्थाएं नियमित नहीं हो सकी हैं। सबसे अधिक समस्या रजिस्ट्री कराने की होती है, जिसके लिए लंबा चक्कर काटकर पूरनपुर जाना पड़ता है। – मोहम्मद ताज, कलीनगर
अमरिया में रजिस्ट्री कार्यालय न होने से क्षेत्र की जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रजिस्ट्री कार्यालय खोले जाने को लेकर कई बार आवाज उठाई, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हो सकी। – कुलदीप सिंह, भदसरा अमरिया
अगर किसी को मकान, जमीन, खेत आदि की रजिस्ट्री करानी है तो उसको जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसमें लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं। अगर यहां पर रजिस्ट्री कार्यालय खुल जाए तो अच्छा होगा। -परमिंदर सिंह, बिलहरा, अमरिया
अमरिया और कलीनगर के संबंध में महानिरीक्षक निबंधन लखनऊ ने रिपोर्ट मांगी है, जो भेज दी गई है। उम्मीद है जनपद की दोनों तहसीलों में जल्द ही कार्यालय स्थापित होने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। – वाल्मीकि त्रिपाठी, एआईजी स्टांप

अमरिया तहसील का भवन ।

अमरिया तहसील का भवन ।

अमरिया तहसील का भवन ।

अमरिया तहसील का भवन ।