Pilibhit News: नोटिस-नोटिस खेल रहे जिम्मेदार, शहर में विकसित होती जा रहीं अवैध कॉलोनियां
पीलीभीत। शहर में जमकर अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। कॉलोनियां बनते समय अधिकारी आंखें मूंदे रहते हैं। जब शिकायतेंं होती हैं तो विनियमित क्षेत्र के अधिकारी नोटिस जारी कर कार्रवाई लटका देते हैं। 10 दिन पहले 21 कॉलोनियों को जारी नोटिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। अफसरों की ढिलाई का ही नतीजा है कि बिल्डर्स ने जवाब दाखिल करना तक जरूरी नहीं समझा है।
शहर में चाहे जिस रोड प्रवेश करें, वहां कोई न कोई अवैध कॉलोनी विकसित होती दिख जाएगी। शहर में बहुत तेजी से कॉलोनी और प्लाटिंग का काम चल रहा है। इसको लेकर शिकायतें भी होती हैं, लेकिन सांठगांठ के कारण कोई ध्यान नहीं दिया जाता। अगर कोई बार-बार शिकायत करता है या उच्चाधिकारियों तक पहुंच जाता है तो कार्रवाई के नाम पर नोटिस का खेल शुरू हो जाता है और मामला जांच के नाम पर सालों लटकाए रखा जाता है।
इस बार फिर से जब शासन स्तर पर शिकायतें हुई तो डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से 10 दिन पहले शहर की 21 कॉलोनियों को को नोटिस जारी किया गया। ये सभी कॉलोनी बिना नक्शा और लेआउट के बनाई गईं हैं। नोटिस जारी होते ही प्रापर्टी डीलरों ने विनियमित क्षेत्र दफ्तर के चक्कर काटने शुरू कर दिए, लेकिन कोई भी बिल्डर वैध प्रपत्र के साथ जवाब दाखिल नहीं कर सका है। फाइलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
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कॉलोनी अवैध, फिर भी मुहैया करा दीं सुविधाएं
शहर में महज 46 कॉलोनी ही वैध हैं। बाकी सभी अवैध हैं और जांच के दायरे में हैं। इनमें शहर की रामवाटिका, केजीएन समेत अन्य कॉलोनियों में बिजली, पानी और सड़क की सुविधाएं स्थानीय प्रशासन की तरफ से मुहैया करा दी गईं। लगातार निर्माण भी चल रहा है। इनमें केजीएन कॉलोनी का मामला तो काफी चर्चा में रहा है।
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बगैर सांठगांठ एक मकान भी नहीं बन सकता
कहने को नियम-कानून सबके लिए हैं, लेकिन कॉलोनाइजरों के लिए कोई नियम कानून नहीं है। अधिकारी भी आंखें बंद कर लेते हैं, जबकि आम आदमी अगर बगैर नक्शा पास कराए एक कमरा भी बनाए तो संबंधित विभाग के जेई के प्राइवेट कर्मचारी ही उसके पास पहुंच जाते हैं। नक्शा दिखाने को कहा जाता है। इन्हें मनाए बगैर आम आदमी कोई निर्माण नहीं करा सकता है, जबकि कॉलोनाइजरों को बगैर नक्शा व लेआउट के कॉलोनियां विकसित करने की छूट है।
वर्जन-
21 काॅलोनियों को नोटिस जारी किया गया है। अभी किसी का जवाब नहीं आया है। कुछ समय और दिया गया है। इसके बाद वैध प्रपत्र न दिखाने पर कार्रवाई की जाएगी। – सुनील कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट