Pilibhit News: अब केवल पंजीकृत वाहन से ही स्कूल आ-जा सकेंगे बच्चे

ई- रिक्शा से जाते स्कूली बच्चे । फाइल फोटो
पीलीभीत। बदायूं में हुए हादसे के बाद अब मंडलायुक्त की तरफ से निर्देश आने के बाद एआरटीओ ने बच्चों को स्कूल ले जाने वाले बगैर पंजीकृत वाहनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके अलावा स्कूलाें को भी निर्देश दिया गया है कि बच्चों को निजी वाहनों से स्कूल न आने दिया जाए। 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी अब बाइक और स्कूटी से स्कूल नहीं जा सकेंगे।
मंडलायुक्त के आदेश के बाद एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने जिले के सभी स्कूलों को आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि ऐसे बहुत से स्कूल हैं जो बच्चों के लाने व ले जाने में बगैर पंजीकृत वाहनों का प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिले में बड़ी संख्या में लोग ऑटो, ई-रिक्शा, मैजिक आदि का प्रयोग स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने में करते हैं, जो पूरी तरह अवैध है।
जिले में वर्तमान में केवल 228 निजी वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 165 बसें एवं मिनी बसें हैं बाकी छोटे वाहन हैं। एआरटीओ ने बताया कि अगर वैन से बच्चे स्कूल लाए जा रहे हैं तो वैन का पंजीकरण होना चाहिए। इसके अलावा उसमें स्कूली वैन के मानक हो। वैन पीले रंग से पुती होनी चाहिए। उस पर स्कूल का नाम, हेल्पलाइन नंबर, जीपीएस लगा होना चाहिए। वैन में अंदर मेडिकल किट मौजूद हो। इसके अलावा वैन की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा नहीं होगी। स्कूल संचालकों को इसकी जानकारी दी जा रही है। ई-रिक्शा पर बच्चे ले जाना प्रतिबंधित है। इसको लेकर मंथन भी किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि 18 साल से कम आयु वाले बच्चे वाहन से स्कूल नहीं जाएंगे। इसको रोकने के लिए स्कूल संचालकों को दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं।
शुक्रवार को एआरटीओ के द्वारा पूरनपुर रोड पर अभियान चलाकर दो स्कूली वाहनों को मानक के विपरीत चलता पाए जाने पर 28 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला गया है।



