Pilibhit News: पूर्व मंत्री हेमराज समेत सात का कोर्ट में समर्पण, जमानत
– भीड़ को भड़काकर हाईवे जाम करने, लोक सेवक से अभद्रता आदि आरोपों का मामला
– दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार किया
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। भीड़ को भड़काकर हाईवे जाम करने, लोकसेवक से अभद्रता आदि आरोपों के चल रहे एक मुकदमे में पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा सहित सात लोगों ने आज कोर्ट में समर्पण कर दिया, बाद में इन्हें जमानत मिल गई।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूजा गुप्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते आदेश दिए कि अभियुक्तगण पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा, लालाराम, रघुवीर सिंह, फखरुद्दीन, मोहम्मद आसिब, मोहम्मद अली और तेजराम द्वारा 20 हजार का एक-एक निजी बंधपत्र एवं जमानत राशि की दो-दो प्रतियां दाखिल करने पर जमानत पर रिहा किया जाए।
बिलसंडा थाने के इंस्पेक्टर ने राज्यमंत्री सहित सात नामजद व 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि सिसईया साहब में गुमशुदा एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला था। नियमानुसार पंचनामा और पोस्टमार्टम के बाद 13 दिसंबर 2020 को सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद सिसईया साहब व आसपास के लोगों ने बिलसंडा-बीसलपुर मार्ग गौहनिया चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया।
इस पर पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा सहित अन्य लोग उत्तेजित हो गए। लाठी-डंडे लेकर दो ट्रैक्टर ट्राॅली में भरकर बिलसंडा में बमरौली तिराहे पर फिर से जाम लगा दिया। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके बाद एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे और जैसे-तैसे मामला शांत कराया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुना। जिसमें आरोपियों ने अपने आप को निर्दोश होना बताया। कहा की पुलिस ने झूठे केस में फंसाया है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार कर लीं।