Pilibhit News: कोई छुट्टी पर तो किसी की इमरजेंसी में ड्यूटी, दवा के लिए भटके मरीज

मेडिकल कॉलेज में खाली पड़ा नेत्र विभाग कक्ष । संवाद
पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज में शनिवार को बड़ी संख्या में मरीजों को बिना दवा लिए ही लौटना पड़ा। कारण, ओपीडी में चार डॉक्टरों का न बैठना रहा। बताया गया कि कुछ डॉक्टर छुट्टी पर हैं तो कुछ की ड्यूटी इमरजेंसी में लगी है। शनिवार को सिर्फ चार डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीज देखे।
मेडिकल कॉलेज में शनिवार को विभिन्न बीमारियों के 1039 से अधिक मरीज दवा लेने पहंचे। चार डॉक्टरों के न होने की वजह से करीब 20 फीसदी मरीज बिना दवा के ही लौट गए। यहां बता दें कि दूर-दराज से मरीज सुबह साढ़े सात बजे ही मेडिकल कॉलेज पहुंचना शुरू हो जाते हैं। सुबह आठ बजे से पर्चे बनने लगते हैं।
शनिवार को ईएनटी डॉ. प्रवीन, सर्जन डॉ. रितिका, नेत्र चिकित्सक डॉ. सुरभि, नेत्र चिकित्सक डॉ. विकास अपने चैंबर में नहीं थे। मरीज पहले तो इंतजार करते रहे, लेकिन जब काफी देर तक नहीं आए तो उन्होंने स्टाफ से जानकारी की। पता चला कि चार डॉक्टर छुट्टी पर हैं। ऐसे में काफी मरीज बिना दवा लिए ही लौट गए। यहां बता दें कि सर्जन डॉ. रितिका की इमरजेंसी में ड्यूटी थी। ईएनटी डॉ. प्रवीन, नेत्र चिकित्सक डॉ. सुरभि छुट्टी पर रहे। नेत्र चिकित्सक डॉ. विकास बिना बताए गैर हाजिर रहे, जिनकी गैर हाजिरी लगाई गई। इससे पहले भी यह कई बार गैर हाजिर रह चुके हैं।
पिछले कई दिन से पेट में दर्द हो रहा है। दवा लेने के लिए अस्पताल आया था, लेकिन डॉक्टर नहीं बैठे हैं। डॉक्टर बैठेंगे या नहीं यह भी कुछ नहीं पता। काफी दिक्कत हो रही है। – बाबूराम, खरुआ, ललौरीखेड़ा
पैर में कील घुस गई थी। मेडिकल कॉलेज में दवा लेने आए, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। इंतजार करते हुए एक घंटे से अधिक हो गया है। बड़ी मुश्किल से यहां दवा लेने आई थी। – रानीनदंन, भरतपुर, न्यूरिया
गले में समस्या है। कई डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन फायदा नहीं हो सका। किसी ने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज में अच्छी दवा मिलती है। अच्छी दवा मिलने की उम्मीद से आए थे, लेकिन डॉक्टर ही नहीं मिले। -सोमवती, नौगवां
नेत्र चिकित्सक डॉ. सुरभि, ईएनटी डॉ. प्रवीन छुट्टी पर हैं। सर्जन डॉ. रितिका की इमरजेंसी में ड्यूटी लगी है। नेत्र चिकित्सक डॉ. विकास बिना सूचना गायब होने पर गैर हाजिर कर दिया गया है। आठ में चार डॉक्टरों ने ओपीडी में 800 से ज्यादा मरीज देखे। -डॉ. संजीव सक्सेना, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज

मेडिकल कॉलेज में खाली पड़ा नेत्र विभाग कक्ष । संवाद

मेडिकल कॉलेज में खाली पड़ा नेत्र विभाग कक्ष । संवाद

मेडिकल कॉलेज में खाली पड़ा नेत्र विभाग कक्ष । संवाद

मेडिकल कॉलेज में खाली पड़ा नेत्र विभाग कक्ष । संवाद

मेडिकल कॉलेज में खाली पड़ा नेत्र विभाग कक्ष । संवाद