पीलीभीत

Pilibhit News: शहर में ऐसी अंधेर, दिन ढलते ही सड़कों पर अंधेरा

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Such darkness in the city, darkness on the roads as soon as the day sets.

शहर के छतरी चौराहे से गौंहनिया चौराहे जाने वाली रोड पर छाया अंधेरा ।संवाद

पीलीभीत। कहने को तो शहर में स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, लेकिन ये सिर्फ दिखाबे की हैं। किसी काम नहीं आतीं। रात में शहर के कई प्रमुख मार्ग अंधेरे में डूबे रहते हैं। शहर के बीच से गुजर रहे टनकपुर हाईवे पर ही अंधेरा पसरा रहता है। यहां सड़क पर छुट्टा पशु भी बैठे रहते हैं। कई बार हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी कोई परवाह नहीं है।

सूरज ढलते ही शहर के मुख्य मार्ग अंधेरे के आगोश में डूब जाते हैं। स्टेडियम रोड हो या एकतानगर मार्ग। छतरी चौराहे से गौहनिया चौराहे तक का रास्ता हो या छिपियान मस्जिद चौराहे का इलाका, कहीं रोशनी का इंतजाम नहीं है। ये शहर के ऐसे प्रमुख मार्ग हैं, यहां दिन-रात आवाजाही बनी रहती है।

टनकपुर और स्टेडियम रोड पर छुट्टा जानवर बैठे रहते हैं। अक्सर यहां हादसे होते हैं। पिछले सप्ताह टनकपुर रोड पर एक बाइक सवार छुट्टा जानवर से टकराकर गिर गया। उसे काफी चोट आई। बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। इस तरह के हादसे अक्सर होते रहते हैं। बावजूद इसके इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

शहर में स्ट्रीट लाइटें तो लगी हैं, लेकिन किसी काम की नहीं हैं। अंधेरा की वजह से हादसों का तो डर रहता ही, साथ ही लूट, छिनैती की भी आशंका हमेशा बनी रहती हैं। सड़कों पर गड्ढे भी हैं। अंधेरा होने से ये भी हादसे की वजह बनते हैं, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी कतई परवाह नहीं है।

अंधेरे में डूबा रहता है गौहनिया से छतरी चौराहे के बीच का रास्ता

टनकपुर हाईवे शहर के बीच से गुजर रहा है। हाईवे का छतरी चौराहे से गौहनिया चौराहे के बीच का हिस्सा रात में अंधेरे में डूबा रहता है। उत्तराखंड व बरेली जाने के लिए रात के समय कई बड़े-छोटे वाहन इधर से गुजरते हैं। हाईवे पर पशु बैठे रहते हैं, इससे यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। तीन दिन पहले ही एक सांड़ घायल हो गया था। अगर यहां स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं की गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

स्टेडियम रोड पर लाइटें तो लगी हैं लेकिन जलती नहीं

स्टेडियम रोड का हाल यह है कि यहां स्ट्रीट लाइटें तो लगी हैं, लेकिन ये रात में जलती नहीं हैं। स्टेडियम के आसपास भी सड़क पर अंधेरा पसरा रहता है। यहां भी सड़क पर जानवर बैठे रहते हैं। इससे हादसे की आशंका रहती है। छह महीने पहले एक स्कूटी सवार रात में अंधेरे में एक जानवर से टकराकर लहूलुहान हो गया था। उसके सिर में कई टांके आए थे।

शहर का मुख्य चौराहा भी अंधेरे की गिरफ्त में

स्टेशन रोड से छिपियान मस्जिद चौराहे तक का इलाका भी अंधेरे की गिरफ्त में रहता है। यहां शहर का मुख्य बाजार है। ज्वेलर्स से लेकर कई बड़े शोरूम हैं। अंधेरा होने की वजह से यहां हमेशा चोरी की घटनाओं का डर बना रहता है। हालांकि कुछ व्यापारियों ने अपनी दुकानों के सामने लाइटें लगवा रखी हैं, लेकिन सड़क पर उजाला नहीं रहता है।

एकता सरोवर रोड से गुजरते हैं रात में आने वाले यात्री

नौगवां चौराहे से एकता सरोवर की ओर जाने वाली सड़क का हाल भी यही है। एकता सरोवर के थोड़ा आगे रोडवेज बस अड्डा है। रोडवेज बसें भी इसी सड़क से होकर जाती हैं। इस सड़क पर पूरी रात सवारियों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन यहां लाइट की कोेई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में रात के समय सवारियों से लूटपाट का डर रहता है।

वर्जन

शहर की मुख्य सड़कों पर लाइटों के लिए अधिशासी अभियंता बिजली से रिपोर्ट मांगी गई थी। रिपोर्ट आने के बाद उसे जिलाधिकारी के पास भेजा गया है। डीएम की सहमति मिलने पर टेंडर करके लाइटें लगवाई जाएंगी। – देवेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी ईओ नगर पालिका

शहर के छतरी चौराहे से गौंहनिया चौराहे जाने वाली रोड पर छाया अंधेरा ।संवाद

शहर के छतरी चौराहे से गौंहनिया चौराहे जाने वाली रोड पर छाया अंधेरा ।संवाद

शहर के छतरी चौराहे से गौंहनिया चौराहे जाने वाली रोड पर छाया अंधेरा ।संवाद

शहर के छतरी चौराहे से गौंहनिया चौराहे जाने वाली रोड पर छाया अंधेरा ।संवाद

शहर के छतरी चौराहे से गौंहनिया चौराहे जाने वाली रोड पर छाया अंधेरा ।संवाद

शहर के छतरी चौराहे से गौंहनिया चौराहे जाने वाली रोड पर छाया अंधेरा ।संवाद


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