Pilibhit News: मेडिकल परीक्षण कराने की बात पर भड़की किशोरी
बीसलपुर। तीन दिन पहले लापता किशोरी को बरामद कर पुलिस ने मेडिकल परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा तो किशोरी भड़क गई। कहा, जब किसी ने छुआ तक नहीं तो फिर वह परीक्षण क्यों कराए। परिवार के लोगों के दबाव बनाने के बावजूद किशोरी मेडिकल परीक्षण कराने के लिए तैयार नहीं हुई।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की किशोरी 21 जुलाई को लापता हो गई थी। किशोरी के पिता ने अगले दिन कोतवाली में किशोरी के अगवा होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पीलीभीत के मोहल्ला शिवनगर निवासी राजेंद्र कुमार को नामजद किया गया था। पुलिस ने 23 जुलाई को बरेली रोड के रिछोला चौराहे से दोनों को पकड़ लिया। पुलिस ने राजेंद्र का चालान कर दिया और किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा।
स्वास्थ्य केंद्र में जब किशोरी के मेडिकल परीक्षण के बारी आई तो वह बिफर पड़ी। महिला चिकित्साधिकारी डॉ. उज्जमा अख्तर से कहा कि जब किसी ने उसे छुआ तक नहीं तो उसका मेडिकल परीक्षण क्यों और किस बात का होगा। किशोरी की बात सुनकर महिला चिकित्साधिकारी निरुत्तर हो गईं। मौके पर मौजूद किशोरी के घरवालों ने किशोरी पर मेडिकल परीक्षण कराने का दबाव बनाया, लेकिन वह नहीं मानी।
दरअसल, किशोरी के घरवाले चाहते थे कि वह मेडिकल परीक्षण करा ले, ताकि आरोपी को सजा मिल सके, लेकिन किशोरी मेडिकल न कराने पर अड़ी रही। हारकर पुलिस उसे वापस कोतवाली ले गई। इस बाबत कोतवाल अशोक पाल ने बताया कि अब किशोरी को बयान दर्ज कराने के लिए न्यायालय में पेश किया जाएगा। न्यायालय के आदेश पर ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।