Pilibhit News: सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को सात दिन थाने में रखकर पीटा
पूरनपुर। किसान की पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में एक महिला ने एसपी को पत्र भेजकर हजारा इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला के मुताबिक पांच लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। किसान के विरोध करने पर पांचों ने पीटकर उसकी हत्या कर दी थी। हजारा इंस्पेक्टर ने एक हत्यारोपी को बचाने और दुष्कर्म की घटना की छिपाने के लिए उसे सात दिन तक थाने में रखकर पीटा। कोर्ट में अपने मनमाफिक बयान कराए।
पूरनपुर इलाके में 15 मई की रात किसान की गांव के बाहर खेत में उसकी झोंपड़ी में हत्या कर दी गई थी। 16 मई को सुबह खून से लथपथ शव झोंपड़ी में मिलने पर इसकी जानकारी परिजन को हुई। पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसान की हत्या पिटाई से होना पाया गया। 19 मई को पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया।
पुलिस का तर्क था कि किसान की एक रिश्तेदार महिला अक्सर उसके खेत पर आती-जाती थी। घटना की रात भी महिला किसान के खेत में उसके साथ थी। इस दौरान गांव निवासी मक्खन सिंह, जंगीर सिंह, कुलवंत उर्फ कालू और माधोटांडा निवासी जसविंदर सिंह नशे में उसके खेत पर पहुंचे। आरोपियों ने महिला से छेड़छाड़ शुरू कर दी। विरोध पर किसान के ऊपर लोहे की राॅड, सूजा, बांका से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी।
घटना की चश्मदीद महिला ने हत्यारोपियों की संख्या चार की जगह पांच होने की जानकारी एसपी को भेजे पत्र में दी है। महिला का आरोप है कि पांचों आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। इसके विरोध में उसके रिश्तेदार किसान की पांचों ने हत्या कर दी। डर से उसने गन्ना के खेत में छिपकर जान बचाई थी।
महिला का आरोप है कि अगले दिन घटना की जानकारी पुलिस को जब उसने दी। तब इंस्पेक्टर ने उसकी पिटाई की और एक आरोपी का नाम न लेने, दुष्कर्म की जानकारी किसी को न देने की धमकी दी। उसे सात दिन तक थाने में रखकर पीटा गया। बाद में अपनी मर्जी के अनुसार कोर्ट में उसके बयान कराए।
इंस्पेक्टर हजारा मनोज मिश्र ने आरोप को निराधार बताया है। कहा कि महिला ने अपने आप कोर्ट में बयान दिए है। अगर ऐसा था तो महिला को मजिस्ट्रेट के सामने सच्चाई बतानी चाहिए थी। अब कुछ लोगों के बहकावे में आकर झूठे आरोप लगा रही है।