पीलीभीत

Pilibhit News: मौत के गड्ढे पर खामोश बैठा है सिस्टम

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पीलीभीत। जिले में अवैध खनन की आए दिन शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है। कार्रवाई के नाम पर सिस्टम की लाचारी ही सामने आती है। इसी लाचारी और भट्ठा स्वामी की मनमानी ने ही कैंचूटांडा के तीन बच्चों की जिंदगी लील ली। अब हादसे के बाद जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर तेजी दिखाने में जुटे हैं।

थाना जहानाबाद क्षेत्र के गांव कैंचू टांडा निवासी छोटन के दो बेटे रानू (10), शानू (14), छोटन के भाई नाजिम का बेटा अयान (10) और दूसरे भाई भूराशाह का बेटा मुस्तकीम (14) मंगलवार शाम चार बजे गांव के पास ईंटों की पथाई के लिए मिट्टी का खनन करने से बने गहरे गड्ढे में नहाने गए थे। गड्ढे की गहराई बहुत ज्यादा होने से चारों बच्चे उसमें डूबने लगे। पास के खेत में काम कर रहे युवक ने शानू को तो बचा लिया, बाकी तीनों बच्चों की डूबने से मौत हो गई।

सूचना पर पुलिस और प्रशासन का अमला मौके पर पहुंच गया। हादसे से गुस्साए परिवार वालों ने जमकर हंगामा भी काटा था। पुलिस ने तीनों बच्चों के शव सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए थे। रात में ही पोस्टमार्टम कराने के लिए डॉक्टरों की टीम भी गठित कर दी, लेकिन पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से पोस्टमार्टम नहीं हो सका। बुधवार सुबह तीनों शवों का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद गमगीन माहौल में तीनों शवों को गांव में सुपुर्दे खाक किया गया।

लेखपाल की मिलीभगत से होता है अवैध खनन का खेल

मिटटी के अवैध खनन का खेल हलका लेखपाल के साथ ही खनन विभाग के जिम्मेदारों की मिलीभगत से किया जाता है। अनुमति की आड़ में मानकों की जमकर अवहेलना की जाती है। लेखपाल चंद रुपये की खातिर मिट्टी का अवैध खनन कराने में सहभागी बन जाते हैं। भट्ठा संचालक इसी का फायदा उठाकर मानक से कई गुना ज्यादा गहराई तक मिट्टी का खनन करा लेते हैं।

तीन थानों की पुलिस रही गांव में तैनात

हादसे के बाद गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। अमरिया, जहानाबाद और न्यूरिया आदि थाने की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात रही। जिससे किसी तरह का कोई भी विवाद न हो जाए।

तीनों बच्चों के पिता करते हैं मेहनत मजदूरी

बताया जा रहा है तीनों बच्चों के पिता मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते है। बच्चों की मौत के बाद से तीनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक साथ उठे तीन शवों से गांव में कोहराम मच गया।

रात में पोस्टमार्टम न होने से हुई दिक्कत

तीनों शवों के पोस्टमार्टम के लिए अपर जिलाधिकारी रामसिंह गौतम ने रात में तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए थे। आदेश के बाद चिकित्सक और फार्मासिस्ट तो रात में ही पहुंच गए थे, लेकिन स्वीपर के न पहुंचने से रात में पोस्टमार्टम नहीं हो सका।

सही से हो जांच तो नपेंगे कई भट्ठा स्वामी

बात सिर्फ इसी भट्ठे की नहीं है, जिले में संचालित हो रहे तमाम भट्ठों पर मिट्टी के खनन में मानकों की अनदेखी की जा रही है। खनन की अनुमति के नाम पर भी जमकर खेल हो रहा है। जिले में इससे पहले भी कई हादसे हुए हैं, लेकिन अवैध खन्न का यह खेल आज तक बंद नहीं हो सका है।

सपा जिलाध्यक्ष ने दी पीड़ित परिवार को सांत्वना

तीन बच्चों की मौत होने पर सपा के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा और नरेंद्र मिश्र उर्फ कट्टर ने गांव पर पहुंंचकर परिवार वालों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। कहा, दुख की इस घड़ी में वह पीड़ित परिवार के साथ हैं।

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कर्मचारी को जारी किया नोटिस, एक अतिरिक्त लगाया

रात में पोस्टमार्टम हाउस में ताला लगाकर गायब हो जाने वाले कर्मचारी को सीएमओ ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने बताया सुविधा के लिए एक अन्य कर्मी की भी ड्यूटी लगा दी गई है। अब वहां दो कर्मी मौजूद रहेंगे।

साइट स्टोरी

अपनी मम्मियों से बाहर खेलने जाने की बात कहकर निकले थे बच्चे

पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचे तो हर आंख हुई नम, गांव में फैला रहा सन्नाटा

संवाद न्यूज एजेंसी

पीलीभीत। तीन बच्चों की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है। हर आंख नम है। जिसे भी घटना की जानकारी मिली वह पीड़ित परिवार को दिलासा देने के लिए दौड़ पड़ा। गांव में शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां से बाहर खेलने की बात कहकर गए बच्चे वापस नहीं आएंगे, यह परिवार के किसी सदस्य ने नहीं सोचा नहीं था। घर से निकलने के ठीक आधा घंटे बाद ही बच्चों के डूबने की खबर मिल गई थी।

सूचना के बाद हर कोई घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। बच्चों को जब गड्ढे से निकाला गया था, तभी उनकी मौत हो चुकी थी, लेकिन उनके जिंदा होने की आस में घरवाले उन्हें सरकारी अस्पताल लेकर भागे। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद भी घरवालों को तसल्ली नहीं हुई तो वे बच्चों को एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, वहां भी डॉक्टर ने बच्चों की मौत की पुष्टि कर दी। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

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भट्ठा संचालक पर रिपोर्ट दर्ज, सिटी मजिस्ट्रेट ने तहसीलदार से मांगी रिपोर्ट

– खनन की अनुमति और खोदे गए गड्ढों का भी मांगा विवरण

संवाद न्यूज एजेंसी

पीलीभीत। अमरिया क्षेत्र के गांव कैंचूटांडा स्थित ईंट भट्ठा संचालक के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इधर, सिटी मजिस्ट्रेट ने तहसीलदार से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। तहसीलदार से खनन की अनुमति, गड्ढे की गहराई आदि का भी विवरण मांगा है।

ईंटोंं की पथाई के लिए मिट्टी खोदने से हुए गहरे गड्ढे में डूबकर तीन बच्चों की मौत को लेकर लोगों में उपजे आक्रोश से प्रशासन चौकन्ना हो गया है। घटना को लेकर अमरिया थाने में असलम की ओर से पुलिस ने नेहा ब्रिक फील्ड के अज्ञात स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं सिटी मजिस्ट्रेट ने खनन की पूरी रिपोर्ट अमरिया तहसीलदार से तलब की गई है।

तहसीलदार को सिटी मजिस्ट्रेट ने भट्ठे पर जाकर जांच करने और वहां हुए खनन की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। कहा गया है कि खोदे गए गड्ढों की पड़ताल कर उनकी नाप करें। देखा जाए कि अनुमति क्या थी और गहराई कितनी है। कागजात भी चेक किए जाएं। सिटी मजिस्ट्रेट सुनील सिंह ने बताया तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद इसमें कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बाबत खनन अधिकारी से भी जानकारी ली जाएगी। जिले में संचालित सभी भट्ठों पर खनन की हकीकत की जांच कराई जाएगी।


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