Pilibhit News: सेहत महकमे की अहम कड़ी फार्मासिस्ट का जिले में टोटा
पीलीभीत। मरीजों को स्वस्थ रखने में डॉक्टर की राय काम आती है तो दवाई देेने से लेकर मरहम पट्टी तक में फार्मासिस्ट की भूमिका रहती है। यानी फार्मासिस्ट भी सेहत महकमे की अहम कड़ी हैं। जिले में विषम परिस्थितियों में भी फार्मासिस्ट काम कर रहे हैं। डॉक्टरों के अभाव में मरीजों के इलाज का जिम्मा भी फार्मासिस्ट ही उठाते हैं।
जिला अस्पताल हो या फिर सीचएसी-पीएचसी, फार्मासिस्ट इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। देहात में तो कई जगह फार्मासिस्ट को ही मोर्चा संभालना पड़ता है। बावजूद इसके वह मरीजों को निराश नहीं होने देते। विषम परिस्थितियों में भी फार्मासिस्ट काम कर रहे हैं। जिले में कुल 80 फार्मासिस्टों की जरूरत है, लेकिन तैनाती मात्र 35 की है। काफी समय से रिक्त जगह नहीं भरी गईं। पिछले कुछ सालों में कई फार्मासिस्ट रिटायर्ड भी हो चुके हैं, कुछ आगे होने वाले हैं। ऐसे में आने वाले समय में और दिक्कतें बढ़ेंगी।
स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्टों की कमी कब पूरी होगी, इसको लेकर न तो विभाग कुछ कहने को तैयार है और ही शासन इस पर ध्यान दे रहा है। बावजूद इसके फार्मासिस्टों के काम में कोई कमी नहीं है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब डेढ़ दो हजार मरीज आते हैं स्टाफ की कमी के बावजूद भी यहां फार्मासिस्ट तभी कुर्सी से हटते हैं जब मरीज की लाइन खत्म हो जाती है।
वर्जन-
सोमवार को फार्मासिस्ट दिवस मनाया जाएगा। लोगों को फार्मासिस्ट का महत्व भी समझना चाहिए। फार्मासिस्ट की समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए। फार्मासिस्ट के तैनाती स्थल पर कभी दवा नहीं पहुंचाई जाती है। ऐसे में खुद ही जिला मुख्यालय से दवा लानी पड़ती है। विभाग से न तो किराया मिलता है और न ही अन्य सुविधाएं। फर्मासिस्ट की काफी समय से भर्ती नहीं हो सकी है, इससे एक फार्मासिस्ट को कई-कई अस्पतालों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है। – कमलेश सिंह, जिलाध्यक्ष फार्मासिस्ट एसोसिएशन।