Pilibhit News: बाघ ने किसान को मार डाला, विरोध में जाम, चौकी घेरकर की तोड़फोड़

माधोटाड़ा पीलीभीत मार्ग पर शव रखकर जाम लगाते ग्रामीण । संवाद
कलीनगर। महोफ जंगल से सटे इलाके में पशुओं को चराने पहुंचे जमुनिया के किसान को बाघ ने मार डाला। शव को जंगल में खींचकर ले जा रहे बाघ को देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाया। घटना से गुस्साए किसानों ने शव को जंगल की सीमा से उठाकर माधोटांडा-पीलीभीत हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही से लोगों की जान जा रही है। माधोटांडा पुलिस ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास कर रही है।
माधोटांडा क्षेत्र के गांव जमुनिया निवासी ओमप्रकाश पासवान (60) पुत्र खेम करन शनिवार की दोपहर पालतू पशुओं को घास चराने के लिए पास के ही बेलाताल क्षेत्र में पहुंचे थे। शाम करीब चार बजे जंगल से कुछ दूरी पर पशुओं की निगरानी कर रहे थे। इस दौरान खेतों की ओर से आए बाघ ने किसान पर हमला कर दिया। किसान की मौके पर ही मौत हो गई।
बाघ, किसान के शव को मुंह में दबाकर जंगल की ओर ले जा रहा था। आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों की नजर पड़ी तो मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। ग्रामीणों को देखकर बाघ शव छोड़कर भाग गया। गुस्साए ग्रामीणों ने शव को उठाकर माधोटांडा-पीलीभीत हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। मार्ग से गुजर रहे कुछेक वाहनों में तोड़फोड़ भी की। मृतक ओमप्रकाश खेती करते थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो पुत्र सुखशांत और गौतम और दो पुत्रियां शामिल हैं। मौके पर सैकड़ों की भीड़ मौजूद थी। ग्रामीणों के गुस्से को देखकर वन विभाग की टीम देर शाम तक मौके पर नहीं पहुंची थी।
ग्रामीण बोले- जानबूझकर लोगों को मरने दे रहा है वन विभाग
– बाघ के आतंक को देखकर दो दिन पहले ही ग्रामीणों ने जताई थी हमले की आशंका
– पुलिस चौकी घेरी, एसओ की गाड़ी में तोड़फोड़, पुलिस कर्मियों पर बरसाए पत्थर
संंवाद न्यूज एजेंसी
कलीनगर। जमुनिया गांव में बाघ के हमले में किसान की मौत के बाद पूरे गांव में आक्रोश है। ग्रामीण हाईवे पर पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि वन विभाग जानबूझकर लोगों को मरवा रहा है। पहले शव रखकर हाईवे जाम किया। फिर पुलिस चौकी का घेराव किया। ड्यूटी करने पहुंचे पुलिस कर्मियों पर पत्थर भी बरसाए। एसओ की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई। माधोटांडा पुलिस को अतिरिक्त फोर्स बुलाने की अफसरों से अपील करनी पड़ी।
ग्रामीणों का कहना है कि चार दिन से बाघ जमुनिया गांव के आसपास देखा जा रहा है। दो दिन पहले हाईवे जाम कर विरोध जताया था, लेकिन विभाग ने दिखावा कर औपचारिकताएं निभाकर निगरानी बंद कर दी। शनिवार को भी बाघ खेतों में घूमता दिखाई दिया। वीडियो वायरल होने के बाद भी वन विभाग का कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीण की मौत से लोगों का गुस्सा भड़क गया। शव को रखने के बाद ग्रामीणों ने हाथ में डंडे लेकर वाहनों को वापस कराया। मौके पर पहुंची थाना पुलिस पर पत्थर बरसाए। इसके बाद जमुनिया चौकी पर जाकर घेराव किया। एसओ की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई।
एसओ अचल कुमार फोर्स के साथ ग्रामीणों को समझाने में जुटे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पांच माह में मथना रानीगंज और जमुनिया क्षेत्र के चार इंसान बाघ का शिकार हुए। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को बाघ को पकड़ने के साथ जंगल सीमा पर तार की फेंसिंग करनी चाहिए। देर रात तक हंगामा जारी था। देर रात एडीएम (एफआर) राम सिंह गौतम, एडीशनल एसपी अनिल यादव, डीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की।

माधोटाड़ा पीलीभीत मार्ग पर शव रखकर जाम लगाते ग्रामीण । संवाद

माधोटाड़ा पीलीभीत मार्ग पर शव रखकर जाम लगाते ग्रामीण । संवाद