पीलीभीत

Pilibhit News: पीटीआर में चीतलों को आहार बनाकर मौज कर रहे बाघ

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कलीनगर। छोटा कद, मटमैला रंग और शरीर पर छोटे सफेद दाग से अपनी अलग पहचान रखने वाले चीतल न सिर्फ पीटीआर की शोभा बढ़ा रहे हैं, बल्कि बाघ भी उन्हें आहार बनाकर मौज कर रहे हैं। वन्य जीव विशेषज्ञों की मानें तो बाघों का मुख्य भोजन ही चीतल है। ग्रासलैंड में झुंड के रूप में विचरण करते समय बाघ इनका आसानी से शिकार कर लेते हैं।

जंगलों में बेहतर ग्रास लैंड और पानी की व्यवस्था बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के लिए अहम मानी जाती है। पीटीआर में इसकी स्थिति काफी बेहतर है। पांच वन रेंजों में विभाजित पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में सबसे बड़ा ग्रास लैंड महोफ रेंज में है। वर्ष 2014 में टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने के बाद से बाघों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। दो दिन पूर्व विश्व बाघ दिवस पर एनटीसीए की गणना के आंकड़े जारी हुए। इसमें छह बाघ और बढ़ गए। बाघों की संख्या 65 से बढ़कर 71 हो गई है।

बाघों की लगातार बढ़ रही संख्या में चीतलों की अहम भूमिका मानी जा रही है। वन्यजीव संस्थान केंद्र देहरादून के वन्य जीव विशेषज्ञ विपुल मौर्य ने बताया कि पीटीआर में हिरण की पांच प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें चीतलों की बहुतायत है। 2022 तक इनकी संख्या 28,257 थी। बाघ का मुख्य भोजन ही चीतल है। झुंड के रूप में विचरण करते समय बाघ ग्रास लैंड में आसानी से घात लगाकर चीतल का शिकार कर लेते हैं। अक्सर चीतल जंगल के बाहर की तरफ भागते हैं, इससे बाघ भी जंगल के बाहर आ जाते हैं।

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पर्यटकों को भी खूब पसंद आते हैं चौकड़ी भरते हिरनों के झुंड

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में हिरनों की अच्छी संख्या पर्यटन सत्र के दौरान पर्यटकों को खूब लुभाती है। ग्रासलैंड में हिरनों को चौकड़ी भरते देख पर्यटक निहाल हो जाते हैं। नहरों वाले इलाकों में भी इनकी मौजूदगी दिखाई देती है।

000 पीटीआर में हिरनों में सबसे ज्यादा संख्या चीतल की पीटीआर में हिरन की पांच प्रजातियों में चीतल की संख्या सबसे अधिक है। चीतल के बच्चे छह से आठ माह में परिपक्व हो जाते हैं। ये ग्रास लैंड क्षेत्र के अलावा खुले इलाकों में भी विचरण करने पहुंच जाते हैं। पर्यटन सत्र के दौरान जंगल सफारी में हिरन की गतिविधियों और आवाज से बाघों की लोकेशन का पता लगाया जाता है।

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एक चीतल का शिकार कर सप्ताह भर तक खाता है बाघ

वन्यजीव विशेषज्ञ विपुल मौर्या ने बताया भूखा होने की स्थिति में बाघ शिकार की तलाश करता है। ग्रास लैंड क्षेत्र में पहुंचकर घात लगाकर पहली बार में ही शिकार करने में सफल होने की कोशिश करता है। सफल न होने पर कुछ देर आराम के बाद शिकार के लिए और अधिक मेहनत करता है। एक चीतल का शिकार करने के बाद बाघ उसे एक सप्ताह तक रखकर खाता है।

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हिरन की प्रजातियां और संख्या – पाड़ा 2000 चौसिंघा 110 वनरोज 7077

सांभर 649

चीतल 28257

बारह सिंघा 1431 काकड़ 785


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